भारत बंद के समर्थन में समर्थ किसान पार्टी ने किया प्रदर्शन

कौशाम्बी

केंद्र सरकार द्वारा लाए गए तीन किसान विरोधी अध्यादेश विधेयकों की वापसी की मांग को लेकर समर्थ किसान पार्टी के तमाम कार्यकर्ता सड़क पर उतरे और प्रदर्शन एवं नारेबाजी कर महामहिम राष्ट्रपति को संबोधित एक ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपा। सौंपे गए ज्ञापन में पार्टी नेताओं ने केंद्र सरकार से तीनों किसान अध्यादेश विधेयको को तत्काल वापस लिए जाने की मांग की।


मुख्यालय मंझनपुर में सड़क पर उतरे सकिपा कार्यकर्ताओं से ज्ञापन लेने उपजिलाधिकारी मंझनपुर एवं क्षेत्राधिकारी मंझनपुर भारी संख्या में पुलिस के जवानो के साथ मौके पर पहुंचे और बीच सड़क पर किसानों से ज्ञापन लिया।इसके पूर्व समर्थ किसान पार्टी के कार्यकर्ताओं ने मंझनपुर मुख्यालय के ब्लॉक परिसर पर किसान पंचायत का आयोजन किया। पंचायत में बोलते हुए किसान नेता अजय सोनी ने कहा कि केंद्र सरकार किसानों को तबाह करने एवं उद्योगपतियों को भारी आर्थिक लाभ पहुंचाने के मकसद से ऐसा किसान विरोधी विधेयक कोरोना महामारी के दौरान चुपके से लाई है। आगे कहा कि केंद्र सरकार पूरी तरह से किसान विरोधी है और किसान को बर्बाद करने पर तुली हुई है। इसी के साथ अजय सोनी ने कहा कि किसी भी सूरत में किसान विधेयक को मंजूर नहीं किया जाएगा और सरकार को विधेयक हर हाल में वापस लेना ही पड़ेगा।इसके पूर्व समर्थ किसान पार्टी के तमाम कार्यकर्ता सुबह से ही सड़क पर उतरे और उदहिन बुजुर्ग बाजार की दुकानें बंद कराई। साथ ही जिले की व्यस्त सड़क सिराथू धाता मार्ग को उदहिन बुजुर्ग बाजार के मुख्य चौराहा पर जाम लगा दिया।जिसके चलते करीब एक घंटे चारों ओर से आने जाने वाले वाहनों की लंबी कतार लग गई।

इस दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं ने किसान विधेयक वापस लो.., वापस लो.., केंद्र सरकार होश में आओ.., होश में आओ… के जोरदार नारे लगाए।इस अवसर पर पार्टी के फूलचंद्र लोधी, अरुण प्रजापति, वेद प्रकाश यादव, राजवंत सिंह, राम शंकर यादव, राम लखन पटेल, राकेश दिवाकर, जुम्मन अली, सरुख अहमद, मो नईम, अली रजा, सुनीता पटेल, गीता सरोज समेत कई लोग मौजूद रहे।

Ashok Kesarwani- Editor
Author: Ashok Kesarwani- Editor