कौशाम्बी: संत शिरोमणि रविदास जी ने समाज को प्रेम और बंधुत्व का दिया संदेश: रामसूरत रैदास,
यूपी के कौशाम्बी जिले में संत शिरोमणि रविदास जी की जन्मजयंती के अवसर पर कांग्रेस पार्टी के आवाहन पर जिलाध्यक्ष कांग्रेस गौरव पाण्डेय के निर्देशानुसार कड़ा में जिला उपाध्यक्ष राम सूरत रैदास के नेतृत्व में संत रविदास की जयंती मनाया गई।
इस दौरान इनके छायाचित्र पर माल्यार्पण करते हुए रामसूरत ने कहा कि संत रविदास (रैदास) 15वीं-16वीं शताब्दी के महान भारतीय भक्ति संत, कवि और समाज सुधारक थे, जिन्होंने जातिवाद के घोर विरोध और समानता का संदेश दिया। वे वाराणसी के चर्मकार समुदाय से थे और निर्गुण भक्ति में विश्वास रखते थे। उनके पद और साखियां गुरु ग्रंथ साहिब में शामिल हैं। “मन चंगा तो कठौती में गंगा” का प्रसिद्ध कथन उन्हीं का है।
इसके बाद इंद्रपाल रैदास ने बताया कि महान संत गुरु रविदास जी 15वीं शताब्दी के महान संत,समाज सुधारक और कवि थे। संत रविदास ने समाज में फैली बुराईयों को जड़ से समाप्त करने के लिए अपना पूरा जीवन लगा दिया। संत रविदास लोगों की मदद करने में सबसे आगे रहते थे। उनका मानना था कि ईश्वर के बनाए हर व्यक्ति चाहे अमीर हो या गरीब सब एक समान ही हैं।
तत्पश्चात अमृत लाल ने कहा कि संत रविदास (रैदास) जी ने मध्यकालीन भारतीय समाज में व्याप्त छुआछूत, जातिगत भेदभाव और रूढ़िवादिता को मिटाकर समानता,प्रेम और बंधुत्व का संदेश दिया। उन्होंने ‘मन चंगा तो कठौती में गंगा’ के जरिए आंतरिक शुद्धि और ‘बेगमपुरा’ नामक एक आदर्श, शोषण-मुक्त समाज की कल्पना दी, जहाँ सभी के लिए समानता व न्याय हो।
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से अमृत लाल, बिफई लाल,छोटेलाल,बेलाई रैदास,रामजियावन,रामदास रैदास,अवधेश कुमार,राजकुमार,राजेश कुमार,राजीव यादव,राहुल गौतम,मोनू गौतम,इंद्रदेव सरोज सहित दर्जनों कार्यकर्ता मौजूद रहे।








