संत शिरोमणि रविदास की जयंती पर मंझनपुर से कड़ा धाम आश्रम तक निकाली गई भव्य शोभा यात्रा

कौशाम्बी: संत शिरोमणि रविदास की जयंती पर मंझनपुर से कड़ा धाम आश्रम तक निकाली गई भव्य शोभा यात्रा,

यूपी के कौशाम्बी जिले में रविवार को संत शिरोमणि रविदास की जयंती पूरी आस्था और विश्वास के साथ मनाई गई। इस मौके पर संत शिरोमणि रविदास पीठ ने मंझनपुर से लेकर कड़ा धाम स्थित संत रविदास आश्रम तक भव्य शोभा यात्रा निकाली। आश्रम में विशाल भंडारे का भी आयोजन किया गया। जिसमें हजारों भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया। आश्रम में संत की प्रतिमा पर माल्यार्पण करते हुए उनकी की विधिवत पूजा की गई। जयकारों से पूरा इलाका गूंजता रहा।

संत शिरोमणि रविदास पीठ के राष्ट्रीय महामंत्री सतीश गोयल ने कहा कि संत रविदास मध्यकालीन भक्ति आंदोलन के वह अनुपम रत्न थे, जिनकी वाणी में निर्गुण ब्रह्म की अनुभूति और सामाजिक समता की पुकार एक साथ गूंजती थी। वह काशी के निकट सीरगोवर्धनपुर ग्राम में माघ पूर्णिमा के पावन अवसर पर जन्मे रैदास चर्मकार कुल से थे, परंतु उनकी आत्मा निर्लिप्त थी। जूते सिलते हुए भी उनका मन निरंतर परमात्मा के चिंतन में लीन रहता।

उन्होंने जात-पात के कठोर बंधनों को चुनौती दी और लिखा कि जात-पात पूछे नहिं कोई, हरि को भजे सो हरि का होई। उनकी रचनाएं सरल सधुक्कड़ी भाषा में हैं, परंतु गहन आध्यात्मिक सत्य से परिपूर्ण भी हैं। गुरु ग्रंथ साहिब में उनके 41 पद संकलित हैं, जो भक्ति, ज्ञान तथा प्रेम के अद्भुत संगम प्रस्तुत करते हैं। मीराबाई के गुरु के रूप में भी वे विख्यात हुए। संत शिरोमणि रविदास ने दुखियों के कल्याण हेतु जीवन अर्पित किया। उनका संदेश आज भी मानव-मन को समानता और ईश्वर-प्रेम की ओर प्रेरित करता है।

इस मौके पर शरद राव, अमरेंद्र गौतम, महेश गौतम, घनश्याम गौतम, मूलचंद्र फौजी, शिवलाल केसकर, कामता प्रसाद आदि मौजूद रहे।

Ashok Kesarwani- Editor
Author: Ashok Kesarwani- Editor