सिराथू में चल रही साप्ताहिक श्रीमद्भागवत कथा में बह रही भक्तिरस की बयार

कौशाम्बी: सिराथू में चल रही साप्ताहिक श्रीमद्भागवत कथा में बह रही भक्तिरस की बयार,

यूपी में कौशाम्बी जिले में सिराथू स्थित मां सीता वाटिका में चल रही साप्ताहिक श्रीमद्भागवत कथा में कथा वाचक राष्ट्रीय संत राजेंद्र जी महाराज (श्री धाम वृंदावन धाम) ने भक्ति ज्ञान महायज्ञ के दूसरे दिवस में भागवत के प्रथम स्कंध में बताया कि सर्वप्रथम ज शब्द से भागवत का प्रारंभ है और भागवत का विश्राम मां शब्द में होता है,जीवन में जो भागवत कथा श्रवण कर लेता है वह यमराज के बंधन से मुक्त हो जाता है।

उन्होंने कहा की भागवत में सत्य स्वरूप परमात्मा की स्तुति करके मंगलाचरण किया गया,भागवत के दशम स्कंध में नौ बार सत्य शब्द का प्रयोग है और अंत में भी सत्य शब्द का प्रयोग है,जिसके जीवन में तीनों काल में सत्य स्वरूप भगवान का चिंतन होता है, उसका वर्तमान भविष्य दोनों संभल जाते है।

उन्होंने महाभारत के पावन प्रसंग में कहा कि भीष्म स्तुति में कहा कि भीष्म जी ने अपनी बुद्धि का संबंध परमात्मा से किया तो भगवान श्रीकृष्ण को दर्शन देने के लिए जाना पड़ा,जब भक्त भगवान को पुकार करता है तब प्रभु को प्रकट होकर के भक्त की मनोकामना को परिपूर्ण करना पड़ता है, इसलिए भगवान भक्त के अधीन ही नहीं है भक्ति के भगवान पराधीन है।इसलिए परम भक्त को गीता में भगवान से बड़ा कहा गया है।

मुख्य श्रोता रमाशंकर पांडे उनकी धर्मपत्नी सीता पांडे,उनके पुत्र सुनील पांडे, सुशील पांडे, सुधीर पांडे एवं समस्त पांडे परिवार के साथ साथ सैकड़ो गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

Ashok Kesarwani- Editor
Author: Ashok Kesarwani- Editor