कौशाम्बी: भगवान की कथा ही समस्त व्यथाएं दूर करती है:संत राजेंद्र जी महाराज,
यूपी के कौशाम्बी जिले के सिराथू कस्बे के मंझनपुर रोड स्थित सीता वाटिका बैंक्वेट हाल में चल रही श्रीमद् भागवत कथा के तीसरे दिन शनिवार को कथा वाचक संत राजेंद्र जी महाराज ने भक्तों को बताया कि राजा परीक्षित को संत के अपमान के कारण श्राप मिला था कि 7 दिन में तक्षक नाम सर्प के द्वारा डसने से मृत्यु होगी। उन्होंने बताया कि श्रीमद् भागवत साप्ताहिक कथा है 7 वर्ष के कृष्ण ने 7 दिनों तक गिरीराज पर्वत को अपने कनिष्ठिका अंगुली पर धारण करके समस्त बृजवासियों की रक्षा की थी।
कथा वाचक ने आगे बताया कि ध्रुव जी महाराज के पावन प्रसंग को कहते हुए कहा कि भक्त हो तो ध्रुव जैसे कि भगवान नारायण को भी दर्शन करने के लिए आना पड़ा और ध्रुव जी ने स्तुति करके वरदान प्राप्त किया और 36000 वर्ष तक राज्य किया, श्री जड़ भरत जी महाराज के पावन प्रसंग में कहा कि यह भारत भूमि का नाम इसीलिए भारतवर्ष बड़ा जो बड़े-बड़े देवता भी पर आने के लिए सदैव वंदना करते है,क्योंकि इस भूमि पर ही भगवान की कथा प्राप्त होती है भगवान की कथा ही समस्त व्यथाओं को दूर करती है ।
इस दौरान कथा के मुख्य श्रोता रमाशंकर पांडे , सीता पांडे , सुनील पांडे , सुशील पांडे , सुधीर पांडे सहित बड़ी संख्या में श्रोतागण मौजूद रहे। सुनील पांडेय ने बताया कि रविवार की कथा में भगवान श्री कृष्ण का दिव्य जन्मोत्सव मनाया जाएगा।








