डीएम ने जिला स्वास्थ्य समिति की समीक्षा बैठक में संस्थागत प्रसव एवं गर्भवती महिलाओं की एएनसी चेकअप पर विशेष ध्यान देने के दिए निर्देश

कौशाम्बी,

डीएम ने जिला स्वास्थ्य समिति की समीक्षा बैठक में संस्थागत प्रसव एवं गर्भवती महिलाओं की एएनसी चेकअप पर विशेष ध्यान देने के दिए निर्देश,

यूपी के कौशाम्बी डीएम मधुसूदन हुल्गी ने उदयन सभागार में सम्बन्धित अधिकारियों के साथ जिला स्वास्थ्य समिति की समीक्षा बैठक की।बैठक में डीएम ने परिवार कल्याण कार्यक्रमों की समीक्षा के दौरान प्रभारी चिकित्साधिकारियों से कहा कि कार्ययोजना बनाकर लक्ष्य के सापेक्ष प्रगति सुनिश्चित किया जाय। उन्होंने एएनसी रजिस्ट्रेशन की समीक्षा के दौरान सभी प्रभारी चिकित्साधिकारियों को गर्भवती महिलाओं की एएनसी चेकअप पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दियें।

उन्होंने जननी सुरक्षा योजना की समीक्षा के दौरान सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र-सरसवां, कनैली एवं कड़ा में अन्य सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों के सापेक्ष संस्थागत प्रसव कम पाये जाने पर नाराजगी प्रकट करते हुए सम्बन्धित प्रभारी चिकित्साधिकारियों से कहा कि आशाओं एवं एएनएम के साथ नियमित बैठक कर आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करते हुए संस्थागत प्रसव पर विशेष ध्यान दिया जाय।

इसके साथ ही उन्होंने सभी प्रभारी चिकित्साधिकारियों से कहा कि किसी भी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में संस्थागत प्रसव 75 प्रतिशत से कम नहीं होना चाहिए, कम पाये जाने पर सम्बन्धित प्रभारी चिकित्साधिकारी एवं बीपीएम को कारण बताओ नोटिस जारी की जायेंगी। उन्होंने जननी सुरक्षा योजना के तहत सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र सिराथू में लाभार्थियों के भुगतान में अपेक्षित प्रगति न पाये जाने पर नाराजगी प्रकट करते हुए प्रगति लाने के निर्देश देते हुए कहा कि आगामी बैठक में बीपीएम का कार्य ठीक न पाये जाने पर कार्यवाही की जायेंगी। उन्होंने जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम की समीक्षा के दौरान कहा कि प्रसूता को निर्धारित समयावधि 48 घण्टें तक अस्पताल में रोका जाय तथा लाभार्थियों को दी जाने वाली भोजन की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाय।

डीएम द्वारा मातृ मृत्यु सूचना एवं आडिट की समीक्षा के दौरान बताया गया कि मातृ मृत्यु की 18 सूचनायें प्राप्त हुई हैं, जिस पर जिलाधिकारी ने मातृ मृत्यु किन कारणों से हुई है, इसकी विस्तृत जानकारी प्राप्त करते हुए प्रभारी चिकित्साधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दियें। उन्होंने प्रभारी चिकित्साधिकारियों से कहा कि किस सब सेन्टर पर प्रसव केन्द्र की सुविधा उपलब्ध होनी चाहिए, उस सब सेन्टर को चिहिन्त कर आख्या उपलब्ध करायी जाय, जिससे सब सेन्टर को प्रसव केन्द्र बनाया जा सकें।

उन्होंने राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम की समीक्षा के दौरान कहा कि आरबीएसके टीम का रोस्टर उन्हें उपलब्ध कराया जाय तथा विद्यालय/ऑगनबाड़ी केन्द्र के भ्रमण की सूचना जिला बेसिक शिक्षाधिकारी एवं जिला कार्यक्रम अधिकारी/सीडीपीओ को दी जाय। उन्होंने सभी प्रभारी चिकित्साधिकारियों से कहा कि खण्ड शिक्षाधिकारियों के साथ अपने-अपने क्षेत्र के कस्तूरबा गॉधी आवासीय बालिका विद्यालय का भ्रमण किया जाय तथा कैम्प लगाकर आरबीएसके टीम द्वारा छात्राओं का स्वास्थ्य परीक्षण करायी जाय।

उन्होंने नियमित टीकाकरण की समीक्षा के दौरान सभी प्रभारी चिकित्साधिकारियों से कहा कि आशा एवं एएनएम के साथ नियमित रूप से बैठक कर टीकाकरण की प्रगति की समीक्षा की जाय तथा आशा एवं एएनएम के माध्यम से लोगों को जागरूक किया जाय कि वे अपने बच्चों को टीका अवश्य लगवायें।

बैठक में बताया गया कि आयुष्मान भारत योजना के तहत माह-जुलाई 2024 तक 691084 लक्ष्य के सापेक्ष अब तक कुल 524923 गोल्डेन कार्ड बनाये जा चुकें हैं। बैठक में बताया गया कि प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत जिला चिकित्सालय तथा सामुदायिक/प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर प्रत्येक माह की 01, 09, 16 एवं 24 तारीख को हाईरिस्क चिहिन्त गर्भवती महिलाओं को घर से अस्पताल तक लाने की परिवहन सुविधा उपलब्ध करायी जाती है। आवश्यक जॉचे, हीमोग्लोबिन अति न्यून होने पर खून चढ़ाने की सुविधा, उपचार के बाद घर तक जाने के लिए परिवहन की सुविधा एवं अति जोखिम ग्रस्त महिलाओं के लिए एनएनएम व आशा द्वारा विशेष फॉलो-अप किया जाता है। माह जुलाई में कुल 1812 गर्भवती महिलाओं की जॉच की गई, जिसमें 220 अति जोखिमग्रस्त गर्भवती महिलाओं का भी उपचार किया गया।

डीएम ने राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम, राष्ट्रीय अन्धता निवारण कार्यक्रम, पुनरीक्षित क्षय रोग नियन्त्रण कार्यक्रम, राष्ट्रीय कुष्ठ रोग कार्यक्रम आदि की भी विस्तृत समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दियें।

इस अवसर पर प्रभारी सीडीओ सुखराज बन्धु,सीएमओ डॉ0 संजय कुमार एवं सीएमएस सुनील कुमार शुक्ला सहित अन्य सम्बन्धित अधिकारी मौजूद रहें।

 

Ashok Kesarwani- Editor
Author: Ashok Kesarwani- Editor