विशेष संचारी रोग नियन्त्रण अभियान 01 अप्रैल 2025 से होगा प्रारम्भ,कार्यक्रम की अन्तर्विभागीय बैठक संपन्न

कौशाम्बी,

विशेष संचारी रोग नियन्त्रण अभियान 01 अप्रैल 2025 से होगा प्रारम्भ,कार्यक्रम की अन्तर्विभागीय बैठक संपन्न,

यूपी के कौशाम्बी सीडीओ अजीत कुमार श्रीवास्तव ने सम्राट उदयन सभागार में विशेष संचारी रोग नियन्त्रण अभियान एवं दस्तक अभियान तथा डेंगू से बचाव व नियन्त्रण हेतु प्रथम अन्तर्विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक की।

बैठक में सीएमओ डॉ0 संजय कुमार ने बताया कि शासन के निर्देशानुसार विशेष संचारी रोग नियन्त्रण अभियान 01 अप्रैल से 30 अप्रैल 2025 तक व दस्तक अभियान 10 अप्रैल से 30 अप्रैल 2025 तक संचालित किया जायेंगा। उन्होंने कहा कि संचारी रोंगो तथा दिमागी बुखार पर प्रभावी नियन्त्रण तथा त्वरित एवं सही उपचार सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से है। दस्तक अभियान के तहत आशा एवं ऑगनबाड़ी कार्यकत्री घर-घर जाकर क्षय रोग, कुष्ठ रोग, फाइलेरिया एवं कालाजार रोगों से प्रभावित लोगों की सूचना प्राप्त होने पर उस व्यक्ति का नाम, पता एवं मोबाइल नम्बर सहित सम्पूर्ण विवरण ई-कवच पोर्टल पर डिजिटल अपलोड करेंगी। इसके साथ ही आशा एवं ऑगनबाड़ी कार्यकत्री द्वारा बुखार एवं इन्फ्लुएंजा लाइक इलनेस, कुपोषित बच्चों तथा ऐसे मकानों की सूची जहॉ घरों के भीतर मच्छरों का प्रजनन पाया गया हो, तैयार कर उपलब्ध करायी जायेंगी, जिससे आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित की जा सकें।

जिला मलेरिया अधिकारी अनुपमा मिश्रा ने बताया कि संचारी रोग नियन्त्रण अभियान के तहत विभिन्न विभागों द्वारा कार्य किया जाना है। चिकित्सा एंव स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचारी रोगों तथा दिमागी बुखार केसेज की निगरानी (सर्विलान्स)। फ्रन्ट लाइन वर्कर्स द्वारा उपलब्ध करायी गयी क्षय रोग लक्षणयुक्त व्यक्तियों की सूची में रोगियों के लक्षण के अनुसार क्षय रोग के लिए जॉच की व्यवस्था। वाहक नियंत्रण गतिविधियॉ-ग्रामीण क्षेत्रों में वाहक के घनत्व का आंकलन, स्रोतों में कमी, लार्वारोधी गतिविधियॉ तथा आवश्यकतानुसार फॉगिंग आदि कार्यवाही की जायेगी। दिमागी बुखार एवं अन्य वेक्टरजनित रोगों तथा जल जनित रोगों के विषय में प्रचार-प्रसार एवं व्यवहार परिवर्तन गतिविधियॉ की जायेंगी।

इसी प्रकार नगर विकास विभाग द्वारा -नगरीय क्षेत्रों में वातावरणीय तथा व्यक्तिगत स्वच्छता के उपायों, खुले में शौच न करने, शुद्ध पेयजल के प्रयोग तथा मच्छरों की रोकथाम हेतु जागरूकता अभियान संचालित करना। खुली नालियों को ढकने की व्यवस्था, नालियों/कचरों की सफाई करवाना। शहरी क्षेत्रों में फॉगिंग करवाना एवं सड़कों के किनारे उगी वनस्पतियों को नियमित रूप से हटाया जाना आदि कार्यवाही की जायेंगी।

पंचायतीराज विभाग/ग्राम विकास विभाग द्वारा -ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राम निगरानी समितियों के माध्यम से दिमागी बुखार एवं अन्य वेक्टर जनित रोगों तथा जल जनित रोगों के विषय में निरन्तर जागरूकता स्थापित करना। ग्राम स्तर पर साफ-सफाई] हॉथ धोना, शौचालय की सफाई तथा घर से जल निकासी के लिए जन-जागरण के लिए प्रचार-प्रसार। वीएचएसएनसी के माध्यम से दिमागी बुखार एवं अन्य वेक्टर जनित रोगों तथा जल जनित रोगों के रोकथाम के लिए “क्या करें, क्या न करें” का सघन प्रचार-प्रसार किया जायेंगा। पेयजल श्रोतों/संसाधनों से शौचालयों की दूरी के उपाय] शौचालयों/सीवर से पेयजल प्रदूषित न होने देने के लिए आवश्यक उपाय, जलाशयों एवं नालियों की नियमित सफाई, ग्रामीण क्षेत्रों में मनरेगा फण्ड से एण्टीलार्वा छिड़काव की व्यवस्था, जल निकासी एवं साफ-सफाई, वाटर सील्ड शौचालयों की आवश्यकता, ग्राम स्तर पर कचरा निस्तारण एवं प्रबन्धन व्यवस्था का विकास एवं सभी संवेदनशील ग्रामों में स्वच्छ भारत अभियान के अन्तर्गत ग्रामों में प्रत्येक मकान में शौचालय का निर्माण कर ग्रामों को खुले में शौच से मुक्त बनाना आदि किया जायेगा।

पशु पालन विभाग द्वारा -सूकर पालकों को अन्य व्यवसाय जैसे-पोल्ट्री उद्योग] को अपनाने के लिए जागरूक एवं प्रेरित करना, यथासंभव सूकरबाड़े को मानव आबादी से दूर स्थापित करवाना एवं सूकर पालकों को सूकर बाड़े की साफ-सफाई, कीटनाशक छिड़काव एवं मच्छररोधी जाली से ढकने के लिए प्रशिक्षित किया जाना आदि किया जायेगा। बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग -ऑगनबाड़ी कार्यत्रियों के द्वारा अपने क्षेत्र के समस्त कुपोषित तथा अति कुपोषित बच्चों की सूची बनाकर उनको उचित पोषाहार उपलब्ध कराना तथा आवश्यकता होने पर पोषण पुनर्वास केन्द्रों पर उपचार तथा पोषण पुनर्वास के लिए भेजना एवं आशा कार्यकर्ताओ द्वारा संचारी रोग नियन्त्रण एवं दस्तक अभियान के लिए क्षेत्र में होने वाली समस्त गतिविधियों एवं गृह भ्रमण में ऑगनबाड़ी कार्यकत्री आशा कार्यकर्त्री के साथ रहते हुए पूर्ण सहयोग प्रदान करना आदि की जायेंगी।

शिक्षा विभाग द्वारा -शिक्षकों द्वारा अभिभावकों का दिमागी बुखार एवं अन्य वेक्टर जनित रोगों तथा जल जनित रोगों से बचाव, रोकथाम एवं उपचार के लिए संवेदीकरण किया जायेंगा, विशेषकर सुरक्षित पीने का पानी, शौचालय का प्रयोग, खुले में शौच के नुकसान पर जोर दिया जाय, हर बुखार खतरनाक हो सकता है, दिमागी बुखार के कारण क्या है, बुखार होने पर क्या करें, क्या न करें के विषय में जागरूक किया जायेंगा एवं छात्रों की गतिविधियों में उनके अभिभावकों की भी सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए इस अभियान के लिए छात्रों को दिये गये असाइनमेंट्स, यथा-पोस्टर, निबंध इत्यादि पर अभिभावकों से भी दो पंक्तियों की टिप्पणी लिखने का आग्रह किया जाये आदि कार्यवाही की जायेगी।

दिब्यांगजन सशक्तिकरण विभाग द्वारा -जनपद स्तर पर स्थापित डिस्ट्रिक्ट डिसेबिलिटी रिहैबिलिटेशन सेन्टर का सुढृढ़ीकरण किया जायेंगा, जिससे इन विकलांग बच्चों को इस योग्य बनाया जा सके कि वे अन्य शिक्षा संस्थानों में सामान्य बच्चों के साथ ही शिक्षा ग्रहण कर सकें सहित आदि कार्यवाही की जायेंगी। कृषि एवं सिंचाई विभाग द्वारा -जमे हुए पानी में मच्छरों के प्रजनन को रोकने तथा सिंचाई के वैकल्पिक उपायों पर अपनी तकनीकी सलाह देना, मच्छर रोधी पौधों का उगाया जाना एवं खेतों में मच्छरों के प्रजनन को रोकने/कम करने के लिए नई तकनीकों के प्रयोग के लिए मदद उपलब्ध कराना आदि तथा उद्यान विभाग द्वारा सार्वजनिक उद्यानों एवं विद्यालयों में मच्छर विकर्षी पौधों का रोपण आदि किया जायेंगा।

सीडीओ ने सभी सम्बन्धित विभागीय अधिकारियों को शासनादेशानुसार कार्ययोजना बनाकर अपने विभाग से सम्बन्धित कार्यों को जिम्मेदारीपूर्वक सम्पादित करने के निर्देश दियें। उन्होंने जिला पंचातयराज अधिकारी एवं सभी ई0ओ0 को अपने-अपने क्षेत्र में बेहतर साफ-सफाई की व्यवस्था सुनिश्चित कराने तथा कहीं पर भी जल भराव न होने देंने आदि कार्यवाही कराने के निर्देश दिये। उन्होंने सभी अधिशासी अधिकारियों को पी0ए0 सिस्टम से आमजन को जागरूक करने एवं विशेष साफ-सफाई के साथ ही फॉगिंग एंव एण्टीलार्वा का छिड़काव नियमित रूप से कराने के भी निर्देश दियें। उन्होंने कहा कि दस्तक अभियान शुरू करने से पहले गॉव में मुनादी अवश्य करायी जाय, जिससे संचारी रोगों के प्रति जन-जागरूकता हो सकें। उन्होंने सम्बन्धित अधिकारियों को डेंगू रोग से बचाव एवं नियन्त्रण के लिए सभी आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दियें।  इस अवसर पर सीएमओ सहित अन्य सम्बन्धित अधिकारी उपस्थित रहें।

Ashok Kesarwani- Editor
Author: Ashok Kesarwani- Editor