कौशाम्बी:हिंदू रक्षा समिति के तत्वाधान में मनाई गई पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई की जन्म जयंती,
यूपी के कौशाम्बी जिले में पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेई की 101वीं जन्म जयंती हिंदू रक्षा समिति के तत्वावधान में मां शीतला अतिथि गृह सायरा में स्थापित पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेई की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर धूमधाम से मनाई गई। इस अवसर पर उन्हें सुशासन के प्रतीक के रूप में याद किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में हिंदूवादी नेता अवधेश नारायण शुक्ला उपस्थित रहे।
भारत की आजादी के बाद पहली बार गैर-कांग्रेसी सरकार का पूर्ण कार्यकाल पूरा करने वाले अटल बिहारी वाजपेयी को उनके सुशासन और दूरदर्शी नेतृत्व के लिए श्रद्धांजलि अर्पित की गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता संगठन के संयोजक वेद प्रकाश सत्यार्थी ने की।
वेद प्रकाश सत्यार्थी ने अपने संबोधन में कहा कि अटल जी एक गरीब परिवार से निकलकर पत्रकारिता से राजनीति में आए और देश के पहले ऐसे प्रधानमंत्री बने, जिन्होंने नेहरू परिवार या कांग्रेस के समर्थन के बिना सरकार चलाई। उनकी सरकार को आज भी सुशासन का पर्याय माना जाता है। उन्होंने राष्ट्र विरोधी ताकतों के बिना समर्थन के सरकार चलाने की मिसाल कायम की। अटल जी ने भारत को मजबूत राष्ट्र बनाने का संकल्प लिया और इसे पूरा किया।
मुख्य अतिथि अवधेश नारायण शुक्ला ने अटल जी के योगदान को याद करते हुए कहा कि वे भारतीय राजनीति के ऐसे नेता थे, जिन्होंने लोकतंत्र को नई राजशाही से मुक्त करने का प्रयास किया। उनके कार्यकाल में देश ने आर्थिक सुधार, परमाणु परीक्षण और सामाजिक विकास जैसे महत्वपूर्ण कदम देखे।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में संगठन के कार्यकर्ता और स्थानीय लोग उपस्थित रहे। सभी ने अटल जी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की और उनके विचारों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।
इस मौके पर प्रमुख रूप से अर्जुन सिंह, शिवम् पाण्डेय, दीपक मौर्य, अक्षय सिंह, देशराज यादव, दिनेश पटेल, आशीष कुमार पाण्डेय, गोविन्द सरोज, धीरज पटेल सहित सैकड़ो की संख्या में लोग मौजूद हैं।








