एक युग एक विचार थे पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी बाजपेई:अजय साहू 

कौशाम्बी:एक युग एक विचार थे पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी बाजपेई: अजय साहू,

यूपी के कौशाम्बी जिले में सुशासन के प्रतीक महान व्यक्तित्व के धनी, निर्भीक राजनेता पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई के जन्मशताब्दी दिवस के असवर पर कड़ा ब्लॉक के कंपोजिट विद्यालय सौंरई बुजुर्ग में गुरुवार को उनका जन्मदिन बच्चों व शिक्षकों ने धूमधाम से मनाया।

पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई के जन्मजयंती के अवसर पर सबसे पहले शिक्षकों व बच्चों ने उनके चित्र पर माल्यार्पण व पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया, उसके बाद सभी ने मिलकर केक काटकर जन्मदिन को उत्साह के साथ मनाया।

स्कूल के शिक्षक अजय कुमार साहू ने बच्चों को अटल जी के जीवनी का वृतांत बताते हुए बताया कि उनका जन्म 25 दिसंबर 1924 को मध्य प्रदेश के ग्वालियर में हुआ था। वे एक कुशल राजनेता होने के साथ साथ ओजस्वी वक्ता, संवादनशील कवि और विचारशील चिंतक थे। उनकी भाषा में संयम, विचारों में गहराई और व्यवहार में उदारता होती थी। वह भारत के तीन बार प्रधानमंत्री बने और अपने शासन कल में भारत को कई ऐतिहासिक उपलब्धियां दिलाई। जिनमें से पोखरण परमाणु परीक्षण भी शामिल है। उन्होंने सुशासन, पारदर्शिता और राष्ट्रीय एकता को अपनी सरकार की प्राथमिकता बनाया। उन्होंने पाकिस्तान से संबंध सुधारने के लिए लाहौर बस यात्रा कर कहा था कि हम मित्र बदल सकते है लेकिन पड़ोसी नहीं। उन्होंने विपक्ष में रहते हुए विदेश का प्रतिनिधित्व कर संयुक्त राष्ट्सभा में अपने वक्तव्यों से भारत की बुलंदी का झंडा गाड़ दिया था। अटल जी के पूरे जीवन ईमानदारी, विचारशीलता और राष्ट्रनिष्ठा के कारण उन्हें देश के सर्वोच्च सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया गया। राजनीति के साथ साथ अटल जी की कविताएं भी अत्यंत प्रेरणादायक है। उनकी रचनाओं में संघर्ष, आशा, राष्ट्रप्रेम, और मानवीय संवेदनाएं झलकती हैं। वे विपक्ष का भी सम्मान करने वाले नेता थे और लोकतांत्रिक मूल्यों में गहरी आस्था रखते थे। शिक्षक ने इस अवसर पर उनकी एक कविता भी बच्चों को सुनाई।

होकर स्वतंत्र मैने कब चाहा है कर लूं जग की गुलाम, मैंने तो सदा सिखाया है करना अपने मन को गुलाम। गोपाल राम के नामों पर कब मैने अत्याचार किए, कब दुनिया को हिंदू करने घर घर में नरसंहार किए। कोई बतलाए काबुल में जाकर कितनी मस्जिद तोड़ी, भूभाग नहीं शत शत मानव के हृदय जीतने का निश्चय। हिंदू तन मन हिन्दू जीवन रग रग हिन्दू मेरा परिचय।

गीत की सुनकर उपस्थित सभी बच्चों ने तालियां बजाकर स्वागत किया। इस अवसर पर बच्चों ने भी कई संस्कृतिक कार्यक्रम पेश किए जिन्हें उपस्थित अभिभावकों ने सराहा। कार्यक्रम को स्कूल के शिक्षक राम प्रसाद, आशीष, राठौर शशि देवी, राजेश शर्मा, शिवम केसरवानी, राजकुमार, सुनीता, योगेंद्र सहित समस्त स्टाफ उपस्थित रहते हुए सहयोग प्रदान किया।

इसी क्रम में कड़ा ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय हिसामपुर परसखी के भी अटल जी का जन्मदिन मनाया गया। शिक्षकों व बच्चों ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया।

इस अवसर पर स्कूल के प्रधानाध्यापक रामकृष्ण साहू, शिक्षिका माया सिंह, रिया सेठी, संध्या देवी पटेल व बीरेंद्र कुमार उपस्थित रहे।

Ashok Kesarwani- Editor
Author: Ashok Kesarwani- Editor