कौशाम्बी: भूतपूर्व सैनिक दिवस पर भवंस मेहता महाविद्यालय भरवारी में कार्यक्रम आयोजित कर पूर्व सैनिक एवं प्रोफेसर सी पी श्रीवास्तव को किया गया सम्मानित,
यूपी के कौशाम्बी जिले के भवंस मेहता महाविद्यालय भरवारी में भूतपूर्व सैनिक दिवस का आयोजन किया गया । इस अवसर पर महाविद्यालय के ही हिंदी विभाग के प्राध्यापक डॉ .सी.पी. श्रीवास्तव को ,जोकि एक भूतपूर्व वायु सैनिक भी है,का सम्मान किया गया।भूतपूर्व सैनिक इव प्रोफेसर डॉ.सी.पी. श्रीवास्तव को महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. प्रबोध श्रीवास्तव ने माला पहनाया और अंग वस्त्रम प्रदान कर सम्मान किया। इसके बाद महाविद्यालय के अन्य प्राध्यापकों ने भी इनका सम्मान किया।
डॉ .सी. पी. श्रीवास्तव ने अपने सैनिक जीवन का अनुभव बताते हुए कहा कि वे 29 अक्टूबर सन 1988 में भारतीय वायु सेना में सम्मिलित हुए थे। उनके एंट्री में 127 प्रशिक्षु थे जो देश के हर कोने से थे ।उन्होंने बताया कि जब वह प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे थे उनके मन में होता था कि कब प्रशिक्षण खत्म हो जाए और हम लोग पूर्ण सैनिक बनकर देश की सेवा में अपनी सक्रिय भूमिका निभाए । इन्होंने बताया कि इनको कई रात सोने का अवसर नहीं प्राप्त हुआ क्योंकि RADAR ऑन रहता था और देश के आकाश की निगहबानी करनी होती थी। उन्होंने बताया कि कारगिल युद्ध के दौरान किस तरह से भारतीय वायुसेना ने अपने अदम्य में वीरता का परिचय दिया था । उन्होंने बताया कि इज़राइल ने हमारे देश का समर्थन किया था और उसके द्वारा आधुनिक सामरिक उपकरणों और तकनीकि की मदद से अंततः हमने कारगिल विजय प्राप्त की।
उन्होंने यह भी बताया कि किस तरह से युद्ध के दौरान मित्र राष्ट्र और दुश्मन राष्ट्र की पहचान होती है उन्होंने बताया कि इसराइल जो भारत का वास्तविक मित्र है। यह देश कारगिल युद्व के समय के हमारे साथ खड़ा था। उन्होंने बच्चों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि उनके अंदर अक्षय शक्ति है जिसका उनको देश के प्रगति के लिए उपयोग करना चाहिए। आज युवाओं में देशभक्ति की भावना ,देश के प्रति समर्पण ,कर्तव्य निष्ठा ,अनुशासन आदि गुणों का भी विकास की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि हमें देश को सबसे पहले रखना चाहिए।
इस आयोजन के दौरान सभी प्राध्यापक, कर्मचारी गण , एन. सी. सी. कैडेट्स और छात्र छात्राएं उपस्थित रहे।








