कौशाम्बी: प्रभाषगिरी (कौशाम्बी) में श्री कल्पद्रम विधान का घट यात्रा से हुआ शुभारंभ,
यूपी के कौशाम्बी जिले के ऐतिहासिक प्रभाषगिरी तीर्थ क्षेत्र में शनिवार को भक्ति और उत्साह के साथ ‘श्री कल्पद्रुम महामंडल विधान एवं विश्वशांति महायज्ञ’ का मंगल आगाज हुआ। इस भव्य धार्मिक अनुष्ठान का शुभारंभ एक विशाल घट यात्रा के साथ किया गया, जिसमें क्षेत्र के कोने-कोने से आए सैकड़ों श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया।
गाजे-बाजे के साथ शुरू हुई घट यात्रा में महिलाएं केसरिया वस्त्रों में सिर पर मंगल कलश धारण कर चल रही थीं। मंत्रोच्चार और जयकारों से पूरा प्रभाषगिरी पर्वत गुंजायमान हो उठा। यह यात्रा मुख्य मार्ग से होते हुए आयोजन स्थल पहुंची, जहाँ विधि-विधान से ध्वजारोहण कर पांडाल का उद्घाटन किया गया।
यह पुण्यशाली कार्यक्रम मुनि श्री समता सागर, वासुपूज्य सागर, पवित्र सागर सहित सात मुनिराजों के पावन सानिध्य में संपन्न होगा। इसी के साथ, आर्यिका श्री दृढ़मति माताजी, गुरु मति एवं 50 आर्यिकाओं के विशाल संघ का भगवान पद्मप्रभु की तप एवं ज्ञान कल्याणक नगरी में भव्य प्रवेश हुआ, जहां जैन महिला मंडल एवं तीर्थ क्षेत्र कमेटी ने भक्तिभाव से पद प्रक्षालन एवं आरती कर उनकी मंगल आगवानी की।
यमुना तट पर स्थित यह पावन पर्वत जैन धर्म के छठे तीर्थंकर भगवान पद्मप्रभ की दीक्षा और केवलज्ञान स्थली के रूप में विश्वभर में प्रसिद्ध है। इस कल्पद्रुम विधान का आयोजन आध्यात्मिक शुद्धि और विश्व कल्याण की भावना के साथ किया जा रहा है, जिसमें मंत्रों की शक्ति से सुख-समृद्धि की कामना की जाती है।
15 मार्च तक चलने वाले इस महोत्सव में प्रतिदिन सामूहिक पूजन और मुनिराजों के मंगल प्रवचनों का लाभ भक्तों को प्राप्त होगा।








