कौशाम्बी: सिराथू में कलश यात्रा के साथ शुरू हुआ श्रीमद्भागवत साप्ताहिक कथा का आयोजन,एक हफ्ते तक बहेगी भक्ति की बयार,
यूपी के कौशाम्बी जिले में सिराथू स्थित मां सीता वाटिका में साप्ताहिक श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन कलश यात्रा के साथ शुरू हो गया है,मुख्य कथावाचक राष्ट्रीय संत राजेंद्र जी महाराज (वृंदावन) भक्तों को एक सप्ताह तक भक्तिज्ञान की धारा से सिंचित करेंगे।
भक्तिज्ञान यज्ञ के पावन शुभ अवसर पर व्यास पीठ पर विराजमान राष्ट्रीय संत राजेंद्र जी महाराज के अमृत वाणी के द्वारा भक्तों को कथा श्रवण कराई जा रही है। श्रीमद्भागवत की पावन महिमा को व्याख्यान करते हुए व्यास पीठ पर विराजमान राष्ट्रीय संत राजेंद्र जी महाराज ने कहा कि भागवत में सत चित् और आनंद का समावेश और गीता में भक्ति योग ज्ञान योग कर्म योग का समावेश है, भागवत को मनसा वाचा कर्मणा और भाव सहित श्रवण किया जाए तो इस कलयुग में इससे बड़ा साधन कोई दूसरा नहीं है।
भक्ति के पुत्र ज्ञान वैराग्य बुढ़ापा को प्राप्त हो गए तब उनको नाम स्मरण के द्वारा वह तरुण अवस्था को प्राप्त हो गए, उन्होंने कहा कि धुंधकारी जैसे प्रेत आत्मा भी भागवत कथा श्रवण करके प्रेत योनि से मुक्त हो गया, रामचरितमानस जीवन की प्रयोगशाला है या आपको कोई प्रयोग करना है, तो रामचरितमानस के शरण में जाइए जीवन में यदि योग सिखाना है तो श्रीमद् भगवत गीता शरण में जाइए, जीवन में यदि संसार रूपी भवसागर से पर होना है तो भागवत रूपी भवसागर में डुबकी लगाइए तो आपका जीवन सफल हो जाएगा।श्रीमद् भागवत कथा जिस कामना के साथ जिस भावना के साथ जिस संकल्प के साथ श्रवण की जाती है उसकी संपूर्ण मनोकामनाएं पर पूर्ण होती है।
इस कथा के मुख्य श्रोता रमाशंकर पांडे एवं उनकी पत्नी सीता पांडे व उनके सुपुत्र सुनील पांडे, सुशील पांडे,सुधीर पांडे एवं पांडे परिवार बड़े आनंद के साथ इस दिव्य आयोजन कर रहे हैं।








