कौशाम्बी,
डीएम एवम सांसद ने लाभार्थियों को आवासीय अभिलेख (घरौनी) का किया वितरण,
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में स्वामित्व योजना के अन्तर्गत तैयार किये गये ग्रामीण आवासीय अभिलेख (घरौनी) का डिजिटल वितरण किया, जिसका सजीव प्रसारण कौशाम्बी जिला मुख्यालय में सम्राट उदयन सभागार में आयोजित कार्यक्रम में किया गया तथा उपस्थित लाभार्थियों ने मुख्यमंत्री के उद्बोधन को सुना।कौशाम्बी सांसद विनोद सोनकर एवं डीएम सुजीत कुमार ने तहसील मंझनपुर के ग्राम-गोबर सहाई, अम्बावां पश्चिम, टेनशाह आलमाबाद, उमरा तथा पवइया के कुल 100 लाभार्थियों को आवासीय अभिलेख (घरौनी) का वितरण किया । जनपद में अभी तक 428 ग्रामों के लगभग एक लाख लाभार्थियों को आवासीय अभिलेख (घरौनी) वितरण करने की कार्यवाही की जा रही है, जिसमें से 54940 लाभार्थियों को आवासीय अभिलेख (घरौनी) का वितरण पूर्व में ही किया जा चुका है।
सांसद ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के कल्पना के अनुरूप एवं प्रदेश के मुख्यमंत्री के नेतृत्व में स्वामित्व योजना शुरू की गयी है। उन्होंने कहा कि घरौनी के अभाव में गांवो में आबादी क्षेत्र से सम्बन्धित विवाद होता रहता है, घरौनी से एक साथ कई कार्य होंगे-आबादी क्षेत्र से सम्बन्धित विवाद समाप्त होंगे, लोगों को मालिकाना हक मिलेगा, बैंक से लोन भी आसानी से मिल जायेंगा तथा गांव में भाईचारा को बढ़ावा के साथ ही प्रेम व सौहार्द्रपूर्ण वातावरण बनेंगा। उन्होंने कहा कि हम सब लोग भाग्यशाली हैं कि देश में आज एक प्रभावशाली नेतृत्व है, जिसके कारण घरौनी सहित अन्य योजनाओं का लाभ मिल रहा है। उन्होंने कहा कि शेष रह गये लोगों को भी आवासीय अभिलेख (घरौनी) जल्द ही मिल जायेंगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री गरीबों के कल्याण के लिए अनेक जनकल्याणकारी योजनायें संचालित किये हैं।डीएम ने स्वामित्व योजना की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि जनसुनवाई में अधिकतर शिकायतें आबादी क्षेत्र के विवाद से सम्बन्धित आती हैं। उन्होंने कहा कि स्वामित्व योजना के तहत आवासीय अभिलेख (घरौनी) के तैयार होने से आबादी क्षेत्र से सम्बन्धित विवाद आगामी समय में समाप्त हो जायेंगे। उन्होंने कहा कि जनपद कौशाम्बी में घरौनी तैयार किये जाने का कार्य अन्य जनपदों के सापेक्ष तेजी से किया जा रहा है।