कौशाम्बी: कौशाम्बी में मनरेगा में फर्जीवाड़ा,एक ही कार्य के लिए दो बार सरकारी धन का बंदरबांट,डीएम के आदेश पर हुई संयुक्त जांच में 2.02 लाख गबन का हुआ खुलासा,
यूपी के कौशाम्बी जिले में मनरेगा में फर्जीवाड़ा का एक मामला सामने आया है जहा ग्राम पंचायत में एक ही कार्य के लिए दो बार सरकारी धन का बंदरबांट किया गया है,डीएम के आदेश पर हुई संयुक्त जांच में जांच अधिकारी ने 2.02 लाख के गबन का खुलासा किया है,डीएम के आदेश पर करवाई का ग्रामवासियों और शिकायतकर्ता को इंतजार है।
मामला मंझनपुर विकास खण्ड के ग्राम पंचायत चक थाम्भा गांव का है जहां विकास के नाम पर सरकारी धन की खुली लूट का सनसनीखेज मामला सामने आया है। डीएम के आदेश पर हुई संयुक्त जांच में यह साफ हो गया है कि एक ही नाली एवं इंटरलॉकिंग निर्माण कार्य का दो अलग-अलग वर्षों में पुनः प्राक्कलन कर रू 2,02,144 की सरकारी धनराशि का दो बार भुगतान किया गया।
संयुक्त जांच आख्या के अनुसार सोमदत्त के घर से गंगा बाबा तालाब तक नाली व इंटरलॉकिंग निर्माण कार्य पहले ही वर्ष 2020-21 में पूर्ण कराया जा चुका था और उसका भुगतान भी हो चुका था। इसके बावजूद वर्ष 2021-22 में उसी कार्य को दोबारा दर्शाकर मनरेगा योजना के अंतर्गत पुनः भुगतान कर दिया गया, जो स्पष्ट रूप से सरकारी नियमों की अनदेखी और धन के गबन की ओर इशारा करता है।
शिकायतकर्ता राज कुमार सिंह की शिकायत पर गठित जांच टीम ने जब मौके पर जाकर स्थलीय निरीक्षण किया, तो आरोप सही पाए गए। जांच में यह भी उजागर हुआ कि सामग्री मद और श्रम मद दोनों में अनियमित भुगतान किया गया, जो पंचायत स्तर पर मिलीभगत की आशंका को और मजबूत करता है। जांच रिपोर्ट डीएम कार्यालय को सौंप दी गई है, जिसमें दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की संस्तुति की गई है।
अब बड़ा सवाल यह है कि क्या जिम्मेदारों पर कार्रवाई होगी या यह मामला भी फाइलों में दबा दिया जाएगा? ग्रामीणों का कहना है कि यदि इस मामले में सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो पंचायतों में भ्रष्टाचार पर रोक लगना मुश्किल है।








