कौशाम्बी में दिशा की बैठक स्थगित,सांसद ने गत कार्यवाही पर मांगा था जवाब,अधिकारी नहीं दे सके जवाब,सांसद ने भ्रष्टाचार और लापरवाही का लगाया आरोप

कौशाम्बी: कौशाम्बी में दिशा की बैठक स्थगित,सांसद ने गत कार्यवाही पर मांगा था जवाब,अधिकारी नहीं दे सके जवाब,सांसद ने भ्रष्टाचार और लापरवाही का लगाया आरोप,

यूपी के कौशाम्बी जिले में सांसद की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट में होने वाली दिशा की बैठक स्थगित हो गई है,सांसद ने आरोप लगाया कि गत कार्यवाही का विवरण मांगने और अधिकारी उसका जवाब नहीं दे सके जिसके बाद बैठक को निरस्त कर दिया गया है,वही सांसद ने एक हफ्ते के अंदर विवरण कंप्लीट कर पुनः बैठक कराने के लिए निर्देशित किया है।

जिले में विकास कार्यों के लिए आयोजित होने वाली जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (District Development Coordination and Monitoring Committee) की बैठक, केंद्र प्रायोजित योजनाओं (जैसे मनरेगा, पीएम आवास, सड़क, बिजली, पानी) के सुचारू कार्यान्वयन की समीक्षा करने के लिए हर तिमाही में एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक बैठक आयोजित की जाती है। इसकी अध्यक्षता संबंधित जिले के लोकसभा सांसद करते हैं, जिसमें जिला प्रशासन और निर्वाचित प्रतिनिधि मिलकर विकास कार्यों को गति देते है।

बुधवार को आयोजित होने वाली दिशा की यह बैठक सांसद पुष्पेंद्र सरोज की अध्यक्षता में आयोजित होनी थी,लेकिन सांसद के बैठक पहुंचने के बाद जब उन्होंने गत कार्यवाही का विवरण मांगा तो संबंधित अधिकारी उसका सही जवाब नहीं दे सके,जिस पर बैठक को निरस्त कर दिया गया है और एक हफ्ते में विवरण कंप्लीट कर पुनः बैठक कराने के लिए निर्देशित किया है।

इस दौरान सांसद पुष्पेंद्र सरोज ने भ्रष्टाचार का आरोप लगात हुए विकास कार्यों पर सवाल उठाया है।सांसद ने कहा कि भाजपा की सरकार में भ्रष्टाचार चरम पर है,कोई भी कार्य बिना भ्रष्टाचार के संभव नहीं है, यहां 5 हजार से शुरू होकर लाखों में कमीशनबाजी चलती है,और बिना कमीशन के कोई काम नहीं होता है।इस सरकार में कोई भी गरीब अपना कोई भी काम बिना भ्रष्टाचार के नहीं करा पा रहा है,यह दुर्भाग्य है कि इस जिले के डिप्टी सीएम भी है लेकिन इस पर भी अधिकारी विकास कार्यों को लेकर गंभीर नहीं है।

इस दौरान सांसद ने डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य पर भ्रष्टाचार का समर्थन करने के आरोप लगाए है,सांसद ने कहा कि डिप्टी सीएम का गृह जनपद होने के बावजूद भ्रष्टाचार पर कई शिकायतें है,लेकिन कार्रवाई नहीं हो रही है। उन्होंने कहा कि डिप्टी सीएम खुद ही कहते है कि मेरे विधायक नहीं होने और डिप्टी सीएम होने के बावजूद जिला सौ साल पीछे चला गया है,सांसद ने कहा कि यह मेरा दुर्भाग्य है कि मैं इस जिले का सांसद हू जहा विकास के लिए भ्रष्टाचार की सीढ़ी से होकर गुजरने पड़ता है।

 

 

Ashok Kesarwani- Editor
Author: Ashok Kesarwani- Editor