उत्तर प्रदेश,
लखनऊ एयरपोर्ट पूरी तरह से निजी हाथों में अडाणी समूह को सौप दिया गया,सरकारी अधिकारियों का उठ गया डेरा,
यूपी की राजधानी लखनऊ एयरपोर्ट का प्रबंधन अब पूरी तरह से निजी हाथों में हो गया है,एयरपोर्ट पर कार्य कर रहे एयरपोर्ट अथॉरिटी के अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति का समय पूरा होने बाद टर्मिनल प्रबंधन और अन्य कार्य निजी कंपनी के हवाले कर दिए गए हैं।
एयरपोर्ट अथॉरिटी के अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एएआई) के अधिकारी सीनियर मैनेजर नियोगी जयंतो का अयोध्या ट्रांसफर हो गया है। इसके पूर्व संयुक्त महाप्रबंधक भूपेन्द्र सिंह का ट्रांसफर दिल्ली और वरिष्ठ प्रबंधक नितिन कादियान का ट्रांसफर देहरादून एयरपोर्ट पर किया गया था। अभी तक टर्मिनल प्रबंधन, विजिटर पास और एंट्री टिकट जारी करने का काम एयरपोर्ट अथॉरिटी ही देख रही थी,अथॉरिटी के पास अब केवल एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) और एएनएस यानी कम्युनिकेशन नेविगेशन की व्यवस्था ही रह गई है। एयरपोर्ट स्थित प्रशासनिक भवन से भी एएआई के अधिकारियों का डेरा उठ गया है।
एटीसी और सीएनएस की कमांड संभालने के लिए दिल्ली से चीफ इन कमान की तैनाती की गई है जो एटीसी ब्लॉक की इमारत में बैठेंगे। मौजूदा प्रशासनिक भवन में सीआईएसएफ के सेनानायक और उप सेनानायक बैठेंगे जो अडाणी समूह के नियंत्रण में कार्य करेंगे। इसके अलावा एक तल ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन और डीजीसीए के पास रहेगा।
वर्ष 2019 में अडाणी समूह ने एयरपोर्ट के लिए सबसे ऊंची बोली लगाई थी। एयरपोर्ट अथॉरिटी के एक अधिकारी के अनुसार इसके बाद एक नवंबर 2020 में एयरपोर्ट 50 साल की लीज पर निजी कंपनी के पास चला गया। कंपनी के साथ एयरपोर्ट अथॉरिटी के साथ करार हुआ था कि पहले एक साल एएआई के साथ उसकी टीम संयुक्त रूप से कार्य करेगी। इस दौरान निजी कंपनी केअधिकारी एयरपोर्ट परिचालन की बारीकियां सीखेंगे।इसके बाद स्वेच्छा से एयरपोर्ट अथॉरिटी के अधिकारियों को दो वर्ष तक कार्य करने का विकल्प दिया गया। इसके बाद विकल्प दिया गया कि वे यदि निजी कंपनी में जाना चाहते हैं तो जा सकते हैं। इस विकल्प को किसी ने नहीं चुना।