कौशाम्बी,
नगर पालिका भरवारी में बुखार और डायरिया से दर्जनों बीमार,नगर पालिका प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग बेखबर,
यूपी के कौशाम्बी जिले में नगर पालिका प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही के चलते संक्रामक बीमारी ने पैर पसार दिए है,संक्रामक बीमारी से दर्जनों लोग पीड़ित है और अपना इलाज करा रहे है,वही नगर पालिका प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग अनजान बना हुआ है।
मामला नगर पालिका परिषद भरवारी के किदवई नगर मोहल्ले का है जहा गंदगी और पानी निकासी नहीं होने से संक्रामक बीमारी फैल गई है।संक्रामक बीमारी की चपेट में दर्जनों लोग आ गए हैं। बीमार लोग अपना इलाज करा रहे हैं। आर्थिक रूप से सक्षम लोग ही प्रतिष्ठित अस्पतालों तक पहुंच रहे हैं।नही तो सभी प्राइवेट चिकित्सको से अपना इलाज करा रहे है, बड़ी बात है कि नगर पालिका प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से अंजान बना हुआ है।
नगर पालिका परिषद भरवारी के सरजूदास नगर वार्ड नम्बर 17 किदवई नगरमोहल्ला निवासी बानो बेगम, तहजीब, हसन, इशरत अली, राजदा , मो. आलिम, मो. नजीम , अमीर उद्दीन , जावेद अहमद , फात्मा , चंदा बेगम व शेर अली सहित दर्जनों लोग कई दिनों से बीमार हैं।
किसी को उल्टी-दस्त की समस्या है तो किसी को बुखार छोड़ ही नहीं रहा है। जो लोग प्रतिष्ठित अस्पतालों में इलाज कराने पहुंचे, उन्हें जांच के बाद डॉक्टरों ने डायरिया या तो वायरल फीवर पीड़ित बताया है। चिकित्सकों का सामान्य तौर पर यही कहना है कि बीमारों में डायरिया अथवा वायरल बुखार सरीखे ही लक्षण हैं।
मोहल्ले के लोगों का कहना है कि बीमारी गंदगी से फैली है। बताया कि वार्ड की नालियां सफाई नहीं होने के कारण चोक हो गई हैं। एक प्राइवेट स्कूल के मालिक ने भी नाले को पाट रख है। गंदा पानी सड़कों पर बहता है। नागरिकों की मानें तो इसकी शिकायत ईओ के साथ प्रशासक से भी की गई, फिर भी सफाई व्यवस्था दुरुस्त नहीं कराई गई। परिणाम रहा कि बीमारी ने पांव पसार दिए।

मोहल्ले के लोगों ने बताया कि मोहल्ले में कुल तीन हैंडपंप लगे हैं और तीनों महीनों से खराब पड़े हैं। नल में पानी टंकी से सप्लाई का पानी आता है। सप्लाई का पानी दूषित है। मजबूरी में इसी को पीना पड़ता है। इसी से घरेलू काम होता है। दूषित पानी से दुर्गंध उठती है। बीमारी फैलने की एक वजह यह भी है।
पूरे मामाले में ईओ नगर पालिका गिरीश चंद्र का कहना है कि किदवई नगर मोहल्ले में बीमारी फैलने की जानकारी नहीं है। जल्द ही सफाई कर्मचारियों की टीम भेजकर वार्ड की सफाई व्यवस्था दुरुस्त करा दी जाएगी। शुद्ध जल का भी इंतजाम किया जाएगा। फॉगिंग के साथ ब्लीचिंग का छिड़काव कराया जायेगा।









