जिला जेल में आयोजित हुआ विधिक साक्षरता एवं जागरुकता शिविर,बंदियों को उनके संवैधानिक अधिकारों के संरक्षण के लिए किया गया जागरूक

कौशाम्बी: जिला जेल में आयोजित हुआ विधिक साक्षरता एवं जागरुकता शिविर,बंदियों को उनके संवैधानिक अधिकारों के संरक्षण के लिए किया गया जागरूक,

यूपी के कौशाम्बी जिला जेल में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में शोषण के विरुद्ध अधिकार, नशा मुक्त भारत अभियान विषय पर विधिक साक्षरता एवं जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया।

शिविर में चीफ लीगल एड डिफेंस काउंसिल अमित कुमार मिश्र ने कहा कि बंदियों के संवैधानिक अधिकारों के संरक्षण के लिए कई कानूनी प्रावधान हैं और उच्चतम न्यायालय और उच्च न्यायालय के द्वारा भी समय समय पर दिशा निर्देश दिये जाते हैं,लेकिन जानकारी के अभाव में बहुत से लोग उनका लाभ नहीं प्राप्त कर पाते हैं। इन कानूनों की सार्थकता तभी होगी जब इन कानूनों के बारे में जागरूकता होगी। जब आप अपने अधिकारों के प्रति सजग होंगे तो कोई भी आपका शोषण नहीं कर सकेगा।

उन्होंने बताया कि शोषण के विरुद्ध अधिकार किसी भी व्यक्ति को गुलामी और अमानवीय परिस्थितियों से बचाते हैं। शोषण के विरुद्ध अधिकार से जुड़े प्रावधान भारतीय संविधान सहित कई कानूनों में दिए गए हैं। आप किसी भी समस्या के लिए जेल में कार्यरत पैरा लीगल वालंटियर से संपर्क कर अपनी बात हम तक पहुंचा सकते हैं।

उन्होंने बच्ची देवी बनाम उत्तर प्रदेश राज्य के मामले में माननीय उच्च न्यायालय द्वारा पारित विधि सिद्धांत और जमानत के संबंध में दिए गए निर्देशों के अनुक्रम में बंदियों को जागरूक करते हुए व निःशुल्क विधिक सहायता की जानकारी देते हुए कहा कि आरोपी बन्दी को केवल एक जमानतदार (और दो नहीं) और उसकी आर्थिक क्षमता के अनुसार जमानत राशि पर भी रिहा किया जा सकता है।यदि बंदी 7 दिनों में जमानतदार नहीं दे पाता,तो जेल अधीक्षक को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को इस बात की जानकारी देनी होगी ताकि कैदी को जमानत दिलाने में मदद मिल सके।इस दौरान बंदियों को नशा मुक्त जीवन जीने की शपथ भी दिलाई गई।

इस अवसर पर जेल अधीक्षक अजितेश मिश्रा, उप जेल अधीक्षक और चीफ लीगल एड डिफेंस सहायक तिलक नारायण पाण्डेय सहित बड़ी संख्या में बन्दी उपस्थित रहे।

Ashok Kesarwani- Editor
Author: Ashok Kesarwani- Editor