ज्योतिषाचार्य डॉ राम सियासन शास्त्री ने होली पर्व पर विशेष सावधानियां बरतने के दी सलाह

कौशाम्बी: ज्योतिषाचार्य डॉ राम सियासन शास्त्री ने होली पर्व पर विशेष सावधानियां बरतने के दी सलाह,

ज्योतिषाचार्य डॉ राम सियासन शास्त्री ने होली के त्यौहार पर लोगों से विशेष सावधानियां बरतने की सलाह दी है, उन्होंने कहा कि होली का त्योहार केवल रंगों का खेल नहीं बल्कि नकारात्मकता के दहन और आत्मिक शुद्धि का प्रतीक है।

उन्होंने कहा कि जिस प्रकार अग्नि में होलिका दहन के माध्यम से बाहरी नकारात्मकता का अंत होता है, उसी प्रकार हमें अपने भीतर के क्रोध, द्वेष और अहंकार का त्याग करना चाहिए। सच्ची होली वही है जो हमारे जीवन को प्रेम, सद्भाव और सेवा के रंगों से आलोकित करे।

ज्योतिषाचार्य डॉ राम सियासन शास्त्री ने बताया है कि  वर्ष 2026 की होली पर कुंभराशि में सूर्य, बुध और शुक्र की उपस्थिति से ‘बुधादित्य’ और ‘शुक्रादित्य’ जैसे शक्तिशाली राजयोग बन रहे हैं, जो कई राशियों के लिए उन्नति और प्रगति के द्वार खोलेंगे।ज्योतिष शास्त्र में प्रत्येक रंग का संबंध किसी ग्रह और ऊर्जा से होता है।

नकारात्मकता दूर करने के लिए: एक सूखा नारियल अपने ऊपर से 7 बार वारकर होलिका की अग्नि में अर्पित करें।सुख-समृद्धि के लिए होलिका दहन की राख को घर लाकर मुख्य द्वार पर छिड़कना शुभ माना जाता है।

उन्होंने कहा है कि होली का त्योहार आनंद और भाईचारे का प्रतीक है। इसे सुरक्षित और सुखद बनाने के लिए कुछ निर्देश दिए गए……

क्या करें….

होलिका दहन के समय भगवान विष्णु का ध्यान करें और सुख-समृद्धि के लिए गेहूं की बालियां, चना, जौ और नारियल अर्पित करें। घर की शांति के लिए होलिका की तीन या चार परिक्रमा करना शुभ माना जाता है।

क्या न करें…

केमिकल युक्त गहरे रंगों, पेंट, कीचड़ या रासायनिक रंगों के प्रयोग से बचें, क्योंकि इनसे त्वचा में एलर्जी, चकत्ते और आंखों में संक्रमण हो सकता है।

रंग लगाने के लिए किसी से भी कोई जबरदस्ती न करें, किसी की इच्छा के विरुद्ध उन पर रंग न डालें। विशेष रूप से बच्चों और बुजुर्गों के साथ नरमी बरतें।

पालतू या आवारा जानवरों पर रंग न डालें; यह उनके लिए बेहद हानिकारक और जानलेवा हो सकता है।

होलिका दहन की अग्नि में टायर, प्लास्टिक या पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाली चीजें न डालें।

पुराने झगड़ों और गिला-शिकवा को भूलकर नए सिरे से शुरुआत करें। होलिका दहन के समय बाल खुले न रखें और सफेद रंग की खाद्य वस्तुओं (जैसे दूध की बनी मिठाई) के सेवन से बचने की सलाह है।

पानी का अनावश्यक उपयोग न करें और सूखे रंगों से होली खेलने को प्राथमिकता दें।

 

Ashok Kesarwani- Editor
Author: Ashok Kesarwani- Editor