स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय मे विश्व ग्लूकोमा सप्ताह पर रैली एवं जन जागरूकता कार्यक्रम का हुआ आयोजन

कौशाम्बी: स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय मे विश्व ग्लूकोमा सप्ताह पर रैली एवं जन जागरूकता कार्यक्रम का हुआ आयोजन,

यूपी के स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय के तत्वावधान में विश्व ग्लूकोमा सप्ताह के अंतर्गत जन-जागरूकता अभियान चलाया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य आम जनमानस को काला मोतिया के प्रति सचेत करना और समय पर जांच के महत्व को समझाना रहा।

जागरूकता रैली कार्यक्रम की शुरुआत चिकित्सालय परिसर में एक जागरूकता रैली के साथ हुई। एम0बी0बी0एस0 छात्रों और स्टाफ ने बैनर और पोस्टरों के माध्यम से लोगों को दृष्टि के मूक चोर (ग्लूकोमा) के लक्षणों के बारे में जानकारी दी। रैली ने पूरे परिसर का भ्रमण कर मरीजों और उनके तीमारदारों को नियमित नेत्र परीक्षण के लिए प्रोत्साहित किया। रैली के पश्चात कॉलेज के लेक्चर थिएटर-2 में एक विशेष जागरूकता सत्र का आयोजन किया गया।

मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डा0 हरिओम कुमार सिंह ने कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए बताया कि काला मोतिया दृष्टि का मूक चोर है। इसमें आंखों की रोशनी धीरे-धीरे बिना किसी दर्द के चली जाती है, इसलिए 40 वर्ष से अधिक आयु के लोगों को नियमित जांच करानी चाहिए। इसके पश्चात विशेषज्ञों ने पावरपॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से ग्लूकोमा के वैज्ञानिक पहलुओं और इससे बचाव के आधुनिक तरीकों पर चर्चा की।

नेत्र रोग विशेषज्ञ डा0 मृदुला रंजन ने बताया कि काला मोतिया के लक्षण शुरुआत में महसूस नहीं होते। जब तक व्यक्ति को दृष्टि कम होने का एहसास होता है, तब तक काफी नुकसान हो चुका होता है। इसलिए समय-समय पर आंखों के दबाव की जांच कराना अनिवार्य है एवं जिन लोगों को मधुमेह, उच्च रक्तचाप है या जिनके परिवार में ग्लूकोमा का इतिहास रहा है, उन्हें विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। साथ ही यह भी बताया गया कि काला मोतिया से होने वाला नुकसान लाइलाज है, लेकिन समय पर पहचान और सही इलाज से बची हुई रोशनी को सुरक्षित रखा जा सकता है। अंधापन रोकने के लिए प्रारंभिक जांच ही एकमात्र उपाय है।

कार्यक्रम में आचार्य, डा0 सरस्वती जयसवाल यादव, वरिष्ठ परामर्शदाता, डा0 सुरभि प्रकाश, सह आचार्य, डा0 राकेश कुमार शक्ला, डा0 अरिन्दम् चक्रवर्ती, डा0 रविरंजन सिंह, डा0 शारदा सिंह, डा0 हेमलता द्विवेदी, सहायक आचार्य, डा0 अंकित कुमार तिवारी, डा0 शिवम् बिश्नोई, डा0 संतोष कुमार, डा0 आत्मिक सिंह, डा0 संदीप कुमार डा0 पंकज तिवारी, डा0 अरूण पाण्डेय एवं सीनियर व जूनियर रेजीडेन्ट तथा एम0बी0बी0एस0 प्रथम व द्वितीय बैच के समस्त छात्र छात्राऐं उपस्थित रहे।

 

Ashok Kesarwani- Editor
Author: Ashok Kesarwani- Editor