कौशाम्बी
यूपी के ग्राम्य विकास विभाग व समग्र विकास मंत्री राजेन्द्र प्रताप उर्फ़ मोती सिह पहुचे कौशाम्बी, अखिलेश यादव,प्रियंका गांधी और भूपेश बघेल पर साधा निशाना,
जनपद मुख्यालय स्थित कांशीराम गेस्टहाउस पहुचे ग्राम्य विकास विभाग व समग्र विकास मंत्री राजेन्द्र प्रताप सिंह उर्फ मोती सिह ने अखिलेश यादव के प्रधानमंत्री के महोत्सव वाले ट्वीट का जवाब देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री जी कोई महोत्सव नही कर रहे। प्रधानमंत्री जी ने तो कृपा पूर्वक समय दिया, और हिंदुस्तान के सारे राज्य के प्रतिनिधि उसमे पधारे हैं। पूरे देश का उससे कल्याण होगा। शहर में रहने वाले लोग कैसे आधुनिक और आवश्यक सुविधाओ से जोडा जा सके इसका इंतेज़ाम होगा। मैं प्रधानमंत्री के प्रति अपना सम्मान व्यक्त करता हूं। और इस कदम का ह्रदय से स्वागत करता हूं। अखिलेश जी ने अपने पांच सालों में जो जो किया हैं। मैं तो कहूंगा कि उन्होंने बिजली के साथ अन्याय किया। सड़क के साथ अन्याय किया। अस्पताल के साथ अन्याय किया। बच्चो के शिक्षा के साथ अन्याय किया। कही भी उन्होंने चिन्ता नही किया। पुल पुलियों की चिन्ता नही की, चिन्ता की तो अपराधियो की, चिन्ता की तो आतंकवादियों की, बंदूक वालो की, राइफ़ल लेकर विधानसभा के चारो तरफ घूमने वालो की, इसलिये वो कब क्या कह दे इस पर भारती जनता पार्टी समय नही खर्च करना चाहती हैं।

लखीमपुर में किसानों पर गाड़ी चढ़ाने का वीडियो वायरल होने के सवाल पर कहा की ये बहुत दुखद हैं। और उसकी जांच हो रही हैं। मुख्यमंत्री जी ने पहल की हैं कि जो प्रभावित हैं। जिनकी मौत हुई हैं उनको आर्थिक सहायता व नौकरी दी, और उनकी ज्यूडिशियल जांच के आदेश दिया हैं, जो किसानों नेता टिकैत साहब व उनके मध्यस्त हुई । विपक्ष के पास कोई मुद्दा नही हैं। उनके पास परेशानी के अलावा, और अनर्गल बयान देने के अलावा कोई बिंदु नही हैं। सांसद व बीजेपी के राष्ट्रीय मंत्री विनोद सोनकर के ट्वीट पर कहा कि हमने ट्वीट नही देखा हैं, इस लिए कुछ बोल नही सकते हैं।
प्रियंका गाँधी पर मुकदमा दर्ज होने की बात पर बोले कि वहां पर आग लगी थी, 8-9 आदमियों की मौत हुई थी। यह एक दुखद घटना है उसमे वह व्यक्ति जाए जो सांत्वना दे,उनका ढाढस बधाए प्रियंका जी वहां जा कर आग लगाने का काम कर रही थी तब क़ानून अपना काम तो करेगा। क़ानून ने अपना काम किया। प्रियंका जी से कोई दुश्मनी नहीं हैं। उत्तरप्रदेश का शासन और उत्तरप्रदेश की पुलिस विधि के अनुसार काम कर रही हैं तो इसमें सरकार कहा से ज़िम्मेदार हैं।
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भुपेश बघेल के एयरपोर्ट पर धरना देने पर चुटकी लेने के अंदाज़ में कहा कि छत्तीसगढ़ की खराब स्थिति को देख कर बैठे है इसीलिए वहां से चले आये हैं। ये तो भूपेश बधेल जी ही बता सकते हैं। अभी कुछ दिन पहले ही देखा था कि उनकी कुर्सी डगमगा रही थी । कांग्रेस में हलचल पंजाब से शुरू हुई हैं, लगता है छत्तीसगढ़ पर भी साया मंडरा रहा है। हो सकता है कि भुपेश बधेल जी को लगा हो कि छत्तीसगढ़ में बने रहने पर कोई दिक्कत आ सकती हैं, तो उत्तरप्रदेश में आ कर उन्होंने डेरा डाला हैं। ठीक हैं अगर वो कही बैठे हैं, कही आये हैं तो हमारे उदार मुख्यमंत्री जी किसी भी अतिथि का सम्मान करना भली भांति जानते हैं। अपमान तो करते नही हैं। पता नही वो धरने पर बैठे हैं या फिर थक मांद कर आये थे, आराम के लिये बैठे हैं ये तो भुपेश बघेल जी से ही पूंछ लीजिएगा।








