कौशाम्बी
पुरानी पेंशन बहाली को लेकर अटेवा पेंशन बचाओ मंच के कार्यकर्ताओं ने किया धरना प्रदर्शन,
अटेवा पेंशन बचाओ मंच के कार्यकर्ताओं ने कौशाम्बी डायट मैदान में धरना प्रदर्शन कर जुलूस निकाला, जो मंझनपुर चौराहा से होकर कलेक्ट्रेट में खत्म हुआ।प्रदर्शन के बाद कार्यकर्ताओ ने एक ज्ञापन डीएम को सौंपा है। अटेवा के जिला संयोजक ओम दत्त त्रिपाठी ने बताया कि यह कार्यक्रम 75 जिलों में चल रहा है।उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार की नौकरियों में एक अप्रैल 2005 से शिक्षकों कर्मचारियों को दी जाने वाली सामाजिक सुरक्षा पुरानी पेंशन व्यवस्था को समाप्त कर बाजार आधारित नई पेंशन व्यवस्था लागू कर दी गई है। क्योंकि कर्मचारियों के साथ-साथ प्रदेश के सरकार का पैसा प्राइवेट कंपनियों के पास जमा हो रहा है। जिसका न कोई भविष्य है ना ही कोई गारंटी एवं सुरक्षा।यह व्यवस्था अन्याय पूर्ण है। सरकारी संस्थान रोजगार सृजन के माध्यम हैं सरकारी संस्थान हमारे देश के गौरव केंद्र हैं। इन संस्थानों का निजी करण करना देश के लिए दुर्भाग्यपूर्ण होगा। इन संस्थाओं की परिसंपत्तियों एवं उनमें कार्यरत कर्मचारी देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। इनको निजी हाथ में सौपना उचित नहीं है। निजीकरण से जनता का शोषण तथा प्राइवेट कंपनियों का लाभ होता है जो एक लोक कल्याणकारी राज्य का संकल्पना के खिलाफ है। इन्हीं सब बातों को लेकर अटेवा पेंशन मंच के कार्यकर्ताओं ने धरना प्रदर्शन कर अपनी मांगों का ज्ञापन डीएम को सौंपा है।