उत्तर प्रदेश,
पर्यटन विभाग की उप निदेशक वाराणसी प्रीति श्रीवास्तव के विरूद्ध अनुशासनिक कार्यवाही संस्थित,
न्यूज़ ऑफ इंडिया (एजेंसी)
यूपी की उप निदेशक पर्यटन वाराणसी प्रीति श्रीवास्तव द्वारा शासकीय कार्यों में लापरवाही, उदासीनता एवं शिथिलता बरतने के कारण उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक (अनुशासन एवं अपील) नियमावली 1999 में निहित व्यवस्था के तहत उनके विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही शुरू करते हुए निदेशक पर्यटन उत्तर प्रदेश को पदेन जांच अधिकारी नामित किया गया है।
उल्लेखनीय है कि वाराणसी में देव दीपावली के अवसर पर पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह एवं प्रमुख सचिव पर्यटन मुकेश मेश्राम के समक्ष स्थानीय प्रतिनिधियों द्वारा प्रीति श्रीवास्तव उप निदेशक पर्यटन एवं कीर्तिमान पर्यटन सूचना अधिकारी वाराणसी की अपने दायित्वों के निर्वहन में रूचि न लेने तथा एक-दूसरे के ऊपर दोषारोपण करने के कारण वाराणसी के पर्यटन विकास कार्यों पर विपरित प्रभाव पड़ा एवं विभाग की छवि धूमिल हुई। इसके अलावा देव दीपावली के अवसर पर आयोजित कार्यक्रमों में वित्तीय अनियमितता, बरतने, विधायकों एवं अन्य जन-प्रतिनिधियों को कार्यक्रम हेतु आमंत्रण न देने के अलावा जन-प्रतिनिधियों की घोर उपेक्षा करने तथा प्रोटोकॉल के विपरीत कार्य किये जाने की शिकायत की गयी थी।
इसके अतिरिक्त इन दोनों अधिकारियों में आपसी सामंजस्य नहीं था, जिससे देव दीपावली कार्यक्रम के आयोजन में असुविधाएं उत्पन्न हुई। जिसके कारण आयुक्त वाराणसी मण्डल को कार्यक्रम के आयोजन के लिए हस्तक्षेप करना पड़ा। कार्यक्रम के आयोजन में वीआईपी अतिथियों एवं मंत्री, विधायकों, जन-प्रतिनिधियों के लिए भी अपेक्षित व्यवस्थाएं सुनिश्चित नहीं की गयी, जिससे विभाग की छवि धूमिल हुई। इस प्रकार प्रीति श्रीवास्तव के इस कृत्य से शासकीय कार्यों में लापरवाही एवं उदासीनता परिलक्षित होती है। इसके लिए उनके विरूद्ध अनुशासनिक कार्यवाही संस्थित करने का निर्णय लिया गया है।








