कौशाम्बी,
श्रीमद् भागवत कथा के पहले दिन पंडाल में लगा भक्तो की लगी भीड़,व्यास आचार्य डॉ अखिलेश महराज ने सुनाई कथा,
यूपी के कौशाम्बी जिले के नगर पंचायत सिराथू के कैथन बाग मोहल्ले में श्रीमद् भागवत कथा अमृत वर्षण का शुभारंभ सोमवार को हुआ, कथा व्यास ने श्रीमद् भागवत महात्म्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इस कलयुग में मनुष्य अपने भावपों को सत्संग के जरिए ही स्थिर रख सकता है। सत्संग के बिना विवेक व बिना सौभाग्य सत्संग सुलभ नहीं हो सकता है। श्री मद् भागवत कथा का सात दिनों तक श्रवण करने से मनुष्य के सात जन्मों के पाप धुल जाते है। जय श्री राधे-कृष्ण के जयघोष से कथा पंडाल गुंजायमान हो उठा।
कथा व्यास आचार्य डॉ अखिलेश महराज ने श्रोताओं को श्रीमद् भागवत कथा का श्रवण कराते हुए कहा कि मनुष्य अपने जीवन में सातो दिन किसी न किसी देवी देवता की पूजा-अर्चन करता है, लेकिन मानव जीवन में आठवां दिन परिवार के लिए होता है। भजन करने से मानव का मन सीधे प्रभु से जुड जाता है,भगवान के सुन्दर सप्ताह यज्ञ में शामिल होकर भगवती गंगा पर गोता लगाने का अवसर प्राप्त होता है, जीवन में ऐसा क्षण बडे ही पुण्य से मिलने वाला होता है।
व्यास जी ने कथा सुनाते हुए कहा कि एक बार माता लक्ष्मी ने भगवान से संसारी जीवों के कल्याण के लिए पूछा तो भगवान विष्णु ने कहा श्रीमद् भागवत कथा ही सबसे सुगम और सरल कल्याण का उपाय है। कहा कि जिस कथा में भक्ति, ज्ञान, वैराग सिखाकर त्याग, तपस्या के मार्ग से मोक्ष तक ले जाए वही श्रीमद् भागवत कथा है। श्रीमद् भागवत कथा के महात्म्य का सुन श्रद्धालु भगवान की भक्ती में सराबोर हो गए। कथा का समापन आरती से किया गया।
इस मौके पर यजमान सरजू प्रसाद पांडेय, श्रीमती गिरजा पांडेय के साथ कथा आयोजक अनिरूद्ध पांडेय सहित सैकड़ो भक्त मौजूद रहे। जय श्री कृष्ण के जयघोष से कथा पंडाल गुंजायमान हो उठा। इसके बाद लोग प्रसाद लेकर घर के लिए रवाना हुए।








