SNCU कौशाम्बी में नवजातो की सेवा में अनुकरणीय योगदान

कौशाम्बी: SNCU कौशाम्बी में नवजातो की सेवा में अनुकरणीय योगदान,

यूपी के कौशाम्बी स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय में SNCU के प्रयास से नवजात को नया जीवन मिला है।कहा जाता है कि चिकित्सक भगवान का रूप होते है जिसका प्रमाण स्वाशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय सम्बद्व संयुक्त जिला चिकित्सालय कौशाम्बी में देखने को मिला है।

31 जनवरी को आरती मिश्रा पत्नी सचिन त्रिपाठी निवासी निजामपुर नवगीरा ने एक निजी अस्पताल में सामान्य प्रसव कराया था। प्रसव के बाद बच्चे को सास लेने में दिक्कत व दौरा आने पर बच्चे को स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय कौशाम्बी के नवजात गहन शिशु देखभाल इकाई (एस0एन0सी0यू0) मे भर्ती कराया गया। नवजात जन्म के समय सांस की समस्या, दौरा व संक्रमण आदि से पीडित था जिसके कारण इसे विशेष निगरानी एवं उपचार की आवश्यकता थी ।

प्रसवकालीन, श्वास अवरोधक एक ऐसी स्थिति है जहाँ बच्चे को जन्म से पहले, जन्म के दौरान या जन्म के तुरंत बाद पर्याप्त आक्सीजन नहीं मिलती है। यह बच्चे को मस्तिष्क, और अन्य अंगो को आक्सीजन कमी से नुकसान पहुंचा सकता है श्वासावरोध कई गंभीर जटिलताओ को जन्म देता है, जिससे अंग प्रणाली प्रभावित होती है जिससे मस्तिष्क विशेष रूप से कमजोर होता है एवं मस्तिष्क का विकास सही से नहीं हो पाता है।

प्रधानाचार्य डा0 हरिओम कुमार सिंह के मार्ग दर्शन मे एस0एन0सी0यू0 के चिकित्सक डा. नरेश कुमार रस्तोगी ब उसके पैरामेडिकल स्टाफ, भूपेन्द्र सिंह, कु0 वीनू यादव कु गायत्री पाल, वीना भारती व कु0 नेहा कुवर की देख-रेख मे बच्चे का इलाज शुरू किया गया, चिकित्सक एवं पैरामेडिकल टीम के अथक प्रयास के उपरान्त समुचित इलाज से शिशु की स्थिति ने लगातार सुधार हुआ।

मंगलवार को शिशु की सभी आवश्यक जांच रिपोर्ट सामान्य पायी जिसके बाद विशेषज्ञ चिकित्सक डा. नरेश कुमार रस्तोगी द्वारा उसे भेजने का निर्णय लिया गया। डिस्चार्ज के समय शिशु के माता-पिता को स्तनपान, स्वच्छता, टीकाकरण एवं फालो-अप, से सम्बन्धित जांच से संबंधित आवश्यक दिशा- निर्देश भी दिए गए।

Ashok Kesarwani- Editor
Author: Ashok Kesarwani- Editor