एनीमिया जागरूकता दिवस पर हीमोग्लोबिन की जांच व निःशुल्क दवा वितरण कार्यक्रम का आयोजन

कौशाम्बी: एनीमिया जागरूकता दिवस पर हीमोग्लोबिन की जांच व निःशुल्क दवा वितरण कार्यक्रम का आयोजन,

यूपी के कौशाम्बी स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय  की ओर से विश्व एनीमिया जागरूकता दिवस एवं डी-वॉर्मिंग कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसका उद्देश्य एनिमिया के प्रति जागरूकता बढ़ाना, रोकथामों पर बल देना, डी-वार्मिगं (क्रृमिनाशक) का महत्व देना रहा,एनीमिया हमारे देश की एक गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य समस्या है, विशेषकर बच्चों और महिलाओं में एनीमिया की कमी अधिक होती है।

कार्यक्रम का शुभारंभ मेडिकल कॉलेज परिसर से प्रधानाचार्य डा0 हरिओम कुमार सिंह द्वारा जागरूकता वाहन को हरी झंडी दिखाकर किया गया। इसके पश्चात टीम द्वारा उच्च प्राथमिक विद्यालय कादीपुर विकास खंड सिराथू में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।

कार्यक्रम में प्रधानाचार्य ने अपने उद्बोधन में बताया कि एनीमिया केवल कमजोरी नहीं है, बल्कि यह बच्चों की पढ़ाई, मानसिक विकास और शारीरिक क्षमता को भी प्रभावित करती है। यदि समय पर ध्यान न दिया जाए तो यह भविष्य में स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है। एनीमिया तब होता है जब शरीर में हीमोग्लोबिन की मात्रा सामान्य से कम हो जाती है। हीमोग्लोबिन हमारे शरीर में ऑक्सीजन पहुंचाने का कार्य करता है। इसकी कमी से थकान, चक्कर आना, ध्यान न लगना जैसी समस्याएं होती हैं। बच्चों में आयरन की कमी एक प्रमुख कारण है, जिसे संतुलित आहार जैसे हरी पत्तेदार सब्जियां, दाल, चना, गुड़, मूंगफली के सेवन से पूर्ण किया जा सकता है।

इसके बाद पैथोलॉजी विभाग के डा0 रविरंजन सिंह द्वारा कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के छात्र-छात्राओं को एनीमिया के कारण, लक्षण, बचाव एवं संतुलित आहार के महत्व के बारे में जानकारी दी गई। साथ ही डी-वॉर्मिंग (कृमिनाशक दवा सेवन) के महत्व पर भी विस्तार से चर्चा की गई। विशेष रूप से बताया गया कि आयरन युक्त आहार, एवं समय-समय पर कृमिनाशक दवा का सेवन एनीमिया की रोकथाम में सहायक है।

इसके बाद कम्युनिटी मेडिसिन विभाग के डा0 सन्तोष कुमार बताया गया कि आज का यह कार्यक्रम केवल एक औपचारिकता नहीं है, बल्कि एक सामाजिक जिम्मेदारी है। हमारे देश में बड़ी संख्या में बच्चे और महिलाएं एनीमिया से प्रभावित हैं, और हम सबको यह समझना होगा कि संतुलित आहार, आयरन एवं फोलिक एसिड की गोलिया,ं स्वच्छता एवं हाथ धोना, समय-समय पर डी-वॉर्मिंगये सभी कदम एनीमिया को रोकने में अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। यदि हम आज से जागरूक हो जाएं, तो आने वाली पीढ़ी स्वस्थ और सक्षम बनेगी। कार्यक्रम के दौरान आमजन मानस को आएरन फोलिक एसिड एवं क्रीमीनाशक दवा का वितरण किया गया एवं हीमोग्लोबिन की जांच की गयी।

इस अवसर पर मेडिकल कॉलेज के संकाय सदस्य, स्वास्थ्य कर्मी एवं इर्न्टन उपस्थित रहे।

Ashok Kesarwani- Editor
Author: Ashok Kesarwani- Editor