कौशाम्बी,
डीएम ने जिला स्वास्थ्य समिति की समीक्षा बैठक में अपंजीकृत/मानक विहीन संचालित निजी अस्पतालों के विरूद्ध कार्यवाही सुनिश्चित करने के दिए निर्देश,
यूपी के कौशाम्बी डीएम सुजीत कुमार ने मुख्य चिकित्साधिकारी सभागार में सम्बन्धित अधिकारियों के साथ जिला स्वास्थ्य समिति की समीक्षा बैठक की।बैठक में डीएम ने डिप्टी सीएम बृजेश पाठक के निर्देशानुसार जनपद में अपंजीकृत/बिना मानक के संचालित निजी अस्पतालों के विरूद्ध की गई कार्यवाही की विस्तृत जानकारी प्राप्त करते हुए कहा कि जिन निजी अस्पतालों को नोटिस जारी की गई है तथा उनके द्वारा निर्देशों का अनुपालन अभी तक नहीं किया गया है तो ऐसे सभी निजी अस्पतालों को सील किया जाय।
इसके साथ ही उन्होंने और निजी अस्पतालों का निरीक्षण करने के निर्देश देते हुए कहा कि अपंजीकृत/मानक के अनुसार संचालित न पाये जाने पर अस्पताल को सील करने की कार्यवाही सुनिश्चित किया जाय। उन्हांने परिवार कल्याण कार्यक्रमों की समीक्षा के दौरान सभी प्रभारी चिकित्साधिकारी, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र को अपेक्षित प्रगति लाने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी प्रभारी चिकित्साधिकारियों से कहा कि माइक्रो प्लॉन बनाकर नियमित टीकाकरण में प्रगति लायी जाय तथा आर0सी0एच0 पोर्टल एवं मंत्रा ऐप पर शत-प्रतिशत फीडिंग सुनिश्चित किया जाय।
इसके साथ ही उन्हांने ई-कवच पोर्टल पर भी फीडिंग में प्रगति लाने के निर्देश दियें। उन्होंने मातृ-मृत्यु सूचना एवं आडिट की समीक्षा के दौरान सभी प्रभारी चिकित्साधिकारियों को इस पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिये। उन्होंने जनपद में प्रसव केन्द्रों की जानकारी प्राप्त करते हुए कहा कि और प्रसव केन्द्र बनायें जाय। उन्होंने सभी प्रभारी चिकित्साधिकारियों से कहा कि कोल्ड चैन को मानक के अनुसार व्यवस्थित रखा जाय। उन्हांने पीसीपीएनडीटी एक्ट के तहत नियमित रूप से अल्ट्रासाउण्ड सेन्टरों की जॉच करने के निर्देश दियें।
बैठक में जिला कार्यक्रम अधिकारी ने बताया कि सम्भव अभियान के तहत 3053 कुपोषित बच्चें चिन्हित किये गये है, जिस पर जिलाधिकारी ने चिन्हित कुपोषित बच्चों की सूची सम्बन्धित प्रभारी चिकित्साधिकारियों को उपलब्ध कराने के निर्देश दिये। उन्होंने पोषण पुनर्वास केन्द्र की क्षमता और बढ़ाने के निर्देश देते हुए कहा कि पोषण पुनर्वास केन्द्र में और कुपोषित बच्चों को भर्ती कराया जाय। उन्होंने रोगी कल्याण समिति की नियमित बैठक कराने के निर्देश दियें तथा आशाओं का चयन करने के भी निर्देश दियें। उन्होंने सभी प्रभारी चिकित्साधिकारियों से कहा कि यह सुनिश्चित किया जाय कि मरीजों को बाहर से दवा न लिखी जाय।
बैठक में जननी सुरक्षा योजना की समीक्षा के दौरान बताया गया कि 96 प्रतिशत आशाओं का भुगतान किया जा चुका है, जिस पर जिलाधिकारी ने शेष आशाओं का भी भुगतान शीघ्र करने के निर्देश दियें। उन्होंने संस्थागत प्रसव में प्रगति लाने तथा जननी सुरक्षा योजना के तहत लाभार्थियों का भुगतान शत-प्रतिशत सुनिश्चित कराने के भी निर्देश दियें। बैठक में बताया गया कि आयुष्मान भारत योजना के तहत जून माह में 23436 गोल्डेन कार्ड बनाये गये तथा जून तक कुल 326264 गोल्डेन कार्ड बनाये जा चुकें हैं, जिस पर जिलाधिकारी ने गोल्डेन कार्ड बनाये जाने के कार्य में और तेजी से प्रगति लाने के निर्देश देते हुए कहा कि जिन पंचातय सहायकों द्वारा अभी तक एक भी गोल्डेन कार्ड नहीं बनाया गया है, उनकी सूची तथा जिन पंचायत सहायकों द्वारा 10 से कम गोल्डेन कार्ड बनाये गये हैं, उनकी सूची उपलब्ध करायी जाय।
डीएम द्वारा राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन, हेल्थ एवं वेलनेस सेन्टर, मातृ-मृत्यु सूचना एंव आडिट, प्रधानमंत्री मातृत्व सुरक्षित अभियान, राष्ट्रीय कुष्ठ रोग कार्यक्रम एवं क्षय रोग नियन्त्रण कार्यक्रम आदि की प्रगति की भी विस्तृत समीक्षा की गई।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी डॉ0 रवि किशोर त्रिवेदी एवं मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ0 सुष्पेन्द्र कुमार सहित अन्य सम्बन्धित अधिकारी उपस्थित रहें।