उत्तर प्रदेश,
दुधवा नेशनल पार्क ,ईको टूरिज्म सर्किट का होगा विकास: जयवीर सिंह,
न्यूज़ ऑफ इंडिया ( एजेन्सी)
उत्तर प्रदेश की नई पर्यटन नीति-2022 के अन्दर थिमैटिक टूरिज्म को बढ़ावा देने के मद्देनजर युवा टूरिज्म, वेडिंग, हेरिटेज, कला एवं संस्कृति, वाटर टूरिज्म एवं वेलनेस एवं मेडिकल, ग्रामीण/ट्राइवल, प्राकृतिक एवं आध्यात्मिक तथा स्टेट टूरिज्म की विभिन्न श्रेणियां बनायी गयी हैं।
यह जानकारी पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने आज यहां दी। उन्होंने बताया कि नई पर्यटन नीति के अन्तर्गत चिन्हित विभिन्न श्रेणियों को प्रोत्साहित कर पर्यटकों को आकर्षित किये जाने की व्यवस्था की गयी है। इसके अलावा इस नीति के तहत चिन्हित 12 परिपथों में आने वाले सभी पर्यटक स्थलों के उच्चीकरण, नवीनीकरण तथा सौन्दर्यीकरण का कार्य कराया जा रहा है।
जयवीर सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश को इको-टूरिज्म का विकास कर इसे एक बेहतरीन गंतव्य के रूप में विकसित करने के लिए इको टूरिज्म विकास बोर्ड का गठन किया जा चुका है। इस बोर्ड के तहत एक राष्ट्रीय उद्यान दूधवा नेशनल पार्क, 11 वन्य जीव अभ्यारण, 24 पक्षी अभ्यारण तथा 09 इको टूरिज्म सर्किट में शामिल किया गया है।
पर्यटन मंत्री ने बताया कि ईको-टूरिज्म विकास बोर्ड द्वारा गोरखपुर स्थित कुसमही जंगल तथा बटेश्वर को ईको टूरिज्म साइट के रूप में तथा जनपद सोनभद्र के ग्राम सलखन में स्थित सलखन फाॅसिल्स पार्क का सौन्दर्यीकरण के साथ ही चित्रकूट स्थित तुलसी जलप्रपात ईको टूरिज्म विकास के अन्तर्गत शामिल किये गये हैं।








