कौशाम्बी: भवंस मेहता महाविद्यालय, भरवारी में संचालित राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) का विशेष शिविर संपन्न,
यूपी के कौशाम्बी जिले के भवंस मेहता महाविद्यालय भरवारी में संचालित राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के विशेष शिविर का अंतिम दिन सोमवार को अत्यंत उत्साह, ऊर्जा और गरिमामय वातावरण में सम्पन्न हुआ। सप्ताह भर चले इस विशेष शिविर ने छात्र-छात्राओं के जीवन में नई चेतना, अनुशासन, सामाजिक उत्तरदायित्व और सेवा भावना का संचार किया।
समापन समारोह के अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिष्ठित शिक्षाविद् प्रो. सुशील श्रीवास्तव उपस्थित रहे, जिनकी गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम की शोभा को और अधिक बढ़ा दिया। कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक रूप से दीप प्रज्ज्वलन एवं अतिथियों के स्वागत से हुई। NSS स्वयंसेवकों ने अपने उत्साहपूर्ण स्वागत गीत एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से अतिथियों का अभिनंदन किया।
पूरे सप्ताह आयोजित विभिन्न गतिविधियों—जैसे स्वच्छता अभियान, जागरूकता रैली, नशा मुक्ति अभियान, डिजिटल साक्षरता, पर्यावरण संरक्षण, तथा सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ जनजागरूकता कार्यक्रम—की झलकियाँ भी इस अवसर पर प्रस्तुत की गईं। इन गतिविधियों ने न केवल विद्यार्थियों के ज्ञान को विस्तृत किया, बल्कि उन्हें समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का भी बोध कराया।
कार्यक्रम अधिकारी डॉ. मोहम्मद आदिल ने अपने संबोधन में पूरे सप्ताह की गतिविधियों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि इस विशेष शिविर का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल शैक्षणिक ज्ञान तक सीमित न रखकर उन्हें सामाजिक सरोकारों से जोड़ना है। उन्होंने NSS के मूल मंत्र “Not Me But You” (मैं नहीं, बल्कि आप) को रेखांकित करते हुए कहा कि यह भावना ही समाज सेवा की वास्तविक आधारशिला है। इसके उपरांत उन्होंने NSS के छात्र-छात्राओं से उनके अनुभवों एवं सुझावों के बारे में फीडबैक लिया। स्वयंसेवकों ने बड़े ही आत्मविश्वास के साथ अपने अनुभव साझा किए और बताया कि इस शिविर ने उन्हें आत्मनिर्भर, अनुशासित एवं संवेदनशील नागरिक बनने की प्रेरणा दी है।
कई स्वयंसेवकों ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि स्वच्छता अभियान में भाग लेकर उन्हें यह एहसास हुआ कि समाज की छोटी-छोटी समस्याओं को हल करने में भी युवा शक्ति की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। वहीं, नशा मुक्ति अभियान के दौरान उन्होंने ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में लोगों को जागरूक करने का कार्य किया, जिससे उन्हें समाज के वास्तविक स्वरूप को समझने का अवसर मिला। डिजिटल साक्षरता अभियान के अंतर्गत उन्होंने लोगों को आधुनिक तकनीक के उपयोग के बारे में बताया, जिससे समाज के कमजोर वर्गों को भी नई दिशा मिली।
मुख्य अतिथि प्रो. सुशील श्रीवास्तव ने अपने प्रेरणादायक उद्बोधन में NSS की महत्ता पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि NSS केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि यह एक ऐसी जीवनशैली है जो व्यक्ति को समाज के प्रति संवेदनशील बनाती है। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि आज के युग में केवल पुस्तक ज्ञान पर्याप्त नहीं है, बल्कि व्यवहारिक ज्ञान और सामाजिक अनुभव भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने छात्रों को प्रेरित किया कि वे अपने जीवन में सेवा, त्याग और समर्पण की भावना को अपनाएं और समाज के विकास में सक्रिय योगदान दें। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे विशेष शिविर युवाओं में नेतृत्व क्षमता, टीमवर्क और समस्या समाधान की योग्यता विकसित करते हैं। उन्होंने NSS स्वयंसेवकों की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने जिस निष्ठा और समर्पण के साथ इस शिविर को सफल बनाया है, वह अत्यंत प्रशंसनीय है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि ये विद्यार्थी भविष्य में समाज के जिम्मेदार नागरिक बनकर राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
कार्यक्रम के दौरान महाविद्यालय के प्राचार्य डॉक्टर प्रबोध श्रीवास्तव ने भी अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने NSS इकाई एवं कार्यक्रम अधिकारी की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन छात्रों के सर्वांगीण विकास में अत्यंत सहायक होते हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल परीक्षा पास करना नहीं है, बल्कि एक जागरूक, जिम्मेदार और नैतिक नागरिक का निर्माण करना भी है। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि वे NSS के माध्यम से सीखी गई बातों को अपने जीवन में उतारें और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करें।
समारोह में उपस्थित प्रो. सतीश तिवारी, डॉ. दीपक, डॉ. संजू, डॉ. धर्मेन्द्र अग्रहरी, डॉ. राहुल, डॉ. चुम्मन श्रीवास्तव, डॉ. मनीष आदि—ने भी अपने विचार साझा किए और विद्यार्थियों के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि NSS जैसे कार्यक्रम युवाओं के व्यक्तित्व को निखारने और उन्हें सामाजिक रूप से जागरूक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
समापन समारोह के अंत में महाविद्यालय के प्राचार्य द्वारा सभी अतिथियों, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों का धन्यवाद ज्ञापन किया गया। उन्होंने विशेष रूप से कार्यक्रम अधिकारी डॉ. मोहम्मद आदिल एवं NSS स्वयंसेवकों के अथक प्रयासों की प्रशंसा की, जिनकी बदौलत यह विशेष शिविर सफलतापूर्वक सम्पन्न हो सका। उन्होंने औपचारिक रूप से विशेष शिविर के समापन की घोषणा की और आशा व्यक्त की कि भविष्य में भी ऐसे आयोजन निरंतर होते रहेंगे।
अंततः कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ, जिसमें सभी उपस्थित जनों ने एक स्वर में भाग लिया। इस प्रकार NSS विशेष शिविर का यह समापन न केवल एक कार्यक्रम का अंत था, बल्कि यह एक नई शुरुआत का प्रतीक भी था—एक ऐसी शुरुआत, जो विद्यार्थियों को समाज सेवा, नैतिकता और जिम्मेदारी के मार्ग पर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती है। यह शिविर सभी प्रतिभागियों के लिए एक अविस्मरणीय अनुभव बन गया, जो उनके जीवन में सदैव प्रेरणा का स्रोत बना








