कौशाम्बी,
शिक्षक एमएलसी एवम सहकारिता चुनाव को लेकर पार्टी कार्यालय में बैठक आयोजित,
भारतीय जनता पार्टी सदैव ही शिक्षकों एवम् बुद्धिजीवियों के दल के रूप में पहचान रखती आई है इन्हीं के दम पर भाजपा आज देश के सत्ता तक पहुंच पाई है और विश्व के सबसे बड़े दल के रूप में अपनी पहचान स्थापित कर पाई है। यह संगठन के लिए अपनी अपूर्णीय क्षति है कि प्रदेश में विधानसभा अध्यक्ष, राज्यपाल के साथ शिक्षक के रूप में समाज को अपना अमूल योगदान देने वाले स्वर्गीय केसरी नाथ त्रिपाठी हम सबके बीच नहीं हैं और आज हमें वह अकेला छोड़ कर चले गए। इस मौके पर मौजूद संगठन के लोगों ने 2 मिनट का मौन रखकर उन्हें याद किया और कार्यक्रम की शुरुआत किया।

बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिलाध्यक्ष अनीता त्रिपाठी ने कही इस मौके पर आगामी समय में संभावित सहकारिता चुनाव को लेकर भी चर्चा की गई। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में चंद्रशेखर ओझा व प्रभारी अनिल सिंह मौजूद रहे।
इस मौके पर बोलते हो उन्होंने कहा कि इस शिक्षा क्षेत्र का यह अपना प्रभाव रहा है कि यहां जब भारतीय जनता पार्टी सत्ता में नहीं थी तब भी शिक्षक विधायक के रुप में भाजपा के प्रतिनिधि इस पद में जीते रहे हैं। ऐसे में अब जब हम सत्ता में हैं और देश में यशस्वी प्रधानमंत्री के रूप में नरेंद्र मोदी जी तथा प्रदेश में योगी आदित्यनाथ जी की ऐसी सरकार है जिसने जन-जन तक योजनाओं के माध्यम से लाभ पहुंचाया है और शिक्षा एवं शिक्षण के मामले में अभूतपूर्व काम किया है। ऐसे में अब जरूरी है कि हम सब पूरे मनोयोग से लगकर शिक्षक स्नातक चुनाव में अपनी सभ्यता दर्ज कराएं और स्नातक क्षेत्र से अपने शिक्षक को निर्वाचित करवाएं।
इस मौके पर प्रमुख रूप से धर्मराज मोर्या, अजय पाण्डेय, चन्द्रदत्त शुक्ला, रिंकू मौर्या, आशीष केसरवानी, संजय जयसवाल, राकेश पाण्डेय, चक्रेश मिश्रा, वेद प्रकाश सत्यार्थी, जितेंद्र साहू, मनोज शुक्ला, अनिल द्विवेदी, कमल कुशवाहा, दिलीप अग्रहरी, महेश चंद्र लोधी, रामबहादुर जयसवाल सहित बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता मौजूद रहे।








