डीएम आफिस से महत्वपूर्ण फाइल हुई चोरी,स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी ने चोरी की फाइल,घटना CCTV में कैद

कौशाम्बी,

डीएम आफिस से महत्वपूर्ण फाइल हुई चोरी,स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी ने चोरी की फाइल,घटना CCTV में कैद,

यूपी के कौशाम्बी जिले में स्वास्थ्य विभाग के एक संविदा कर्मी ने दुस्साहसिक घटना को अंजाम दिया है। संविदा कर्मी विभाग में डाटा इंट्री आपरेटर के पद पर तैनात है। आरोप है उसने स्वास्थ्य विभाग से जुड़ी महत्वपूर्ण फाइल डीएम दफ्तर से चोरी कर किसी अन्य व्यक्ति को सौंप दी है। यह कारनामा कलेक्ट्रेट के सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया। प्रकरण की जानकारी होने पर डीएम मधुसूदन हुल्गी में सीएमओ को तलब कर कार्रवाई का निर्देश दिए है।

डिप्टी CMO राहुल सिंह की तहरीर पर आरोपी संविदा कर्मी सहित 2 अज्ञात पर मंझनपुर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है।डिप्टी CMO डॉ. राहुल सिंह ने थाना पुलिस को तहरीर देते हुए बताया, 10 अगस्त को राष्ट्रीय फाइलेरिया दिवस का शुभारंभ कलेक्ट्रेट परिसर में किया गया था। उसी दिन जिला कलेक्ट्रेट परिसर से दिन में एक महत्वपूर्ण फाइल चोरी हो गई थी।

सीसीटीवी कैमरे का फुटेज देखने पर स्पष्ट हुआ कि संविदा कर्मी महेंद्र कुमार द्विवेदी, जो सीएमओ कार्यालय मंझनपुर में डाटा एंट्री ऑपरेटर के पद पर तैनात है। फाइल को चुराकर कार्यालय गेट के पास किसी दूसरे व्यक्ति को देखकर अपने मोबाइल से किसी से बात कर रहा है। फुटेज के अनुसार प्रबल संभावना प्रतीत होती है, कि चोरी की गई फाइल स्वास्थ्य विभाग की ही है। जो कलेक्ट्रेट स्थित कार्यालय में प्रेषित की गई थी। चोरी की इस घटना में सीसीटीवी में दिख रहे दोनों व्यक्तियों के अलावा अन्य लोग भी इस षड्यंत्र में शामिल हो सकते हैं।

गौरतलब है कि स्वास्थ्य विभाग के झोला छाप डॉक्टर व अल्ट्रासाउंड सेंटर के रजिस्ट्रेशन को लेकर बड़े पैमाने पर अनियमितता बरती गई है। विभागीय सूत्रों के मुताबिक, संविदा कर्मी संदीप सिंह डाटा इंट्री आपरेटर के भ्रष्टाचार और आय से अधिक संपत्ति की जांच के लिए जिला पंचायत अध्यक्ष अध्यक्ष कल्पना सोनकर ने शासन को पत्र लिखा था। शासन ने महकमे में फैले भ्रष्टाचार की जांच रिपोर्ट सीएमओ से मांगी थी। जिसे सीएमओ ने डीएम को प्रेषित कर कार्यवाही को लिखते हुए नियम विरुद्ध संचालित अस्पताल एवम अल्ट्रासाउंड सेंटर की लिस्ट सौंपी थी।

डिप्टी CMO ने बताया कि प्रकरण बेहद गंभीर प्रकृति का है। इस संबंध में वह कोई भी बयान नहीं दे सकते है। उन्हें प्राथमिकी दर्ज कराने का निर्देश हुआ। जिसके क्रम में तहरीर दी गई है। इससे अधिक वह कुछ नहीं बता सकते।

Ashok Kesarwani- Editor
Author: Ashok Kesarwani- Editor