नगर पालिका भरवारी में प्रवेश द्वारों पर नगर प्रशासन को आखिर लिखवाना ही पड़ा समाजसेवियों और देहदानियों का नाम 

कौशाम्बी,

नगर पालिका भरवारी में प्रवेश द्वारों पर नगर प्रशासन को आखिर लिखवाना ही पड़ा समाजसेवियों और देहदानियों का नाम,

यूपी के कौशाम्बी जिले के नगरपालिका परिषद भरवारी में पिछले महीने नगर के प्रवेश द्वारों पर से समाजसेवियों और देहदानियो के नामों को लिखने हटाने को लेकर नगर का राजनीतिक माहौल गरमा गया था। देहदानियों के नाम हटाए जाने को लेकर नगर पालिका अध्यक्ष के विरुद्ध लोगों में आक्रोश व्याप्त था। स्थानीय लोगों के साथ-साथ राजनीतिक लोगों ने मामले की शिकायत डीएम सहित पार्टी के शीर्ष नेतृत्व से भी करने की बात कही थी।

इस समाचार को आपके अपने सर्कल समाचार ने पिछले महीने खबर को प्रमुखतः से प्रकाशित किया था। खबर को संज्ञान में लेकर नगर प्रशासन ने बुधवार को पुन: नगर के सभी प्रवेश द्वारों पर देहदानियों व समाजसेवियों का नाम आखिर में लिखवा ही दिया।

नगर पालिका परिषद भरवारी में वर्ष 2014 में तत्कालीन नगर पंचायत अध्यक्ष ने नगर की सीमा से पहले नगर को पहचान दिलाने के लिए दो स्मृति प्रवेश द्वार बनवाये थे।इसमें एक भरवारी-मूरतगंज मार्ग में खलीलाबाद पेट्रोल पम्प के पास तो दूसरा भरवारी-मंझनपुर मार्ग पर जिल्लापर गांव के पास था। इन पर नगर पालिका परिषद भरवारी के खलीलाबाद में लगे प्रवेश द्वार पर समाज सेवी स्व. पं. लक्ष्मी कांत वाजयेयी व समाजसेवी स्व. सरजू‌दास ठेकेदार स्मृति द्वार व जिल्लापर लगे स्मृति द्वार पर देहदानी युग दधीचि रमाशंकर द्वार लिखवाया गया था।

वर्ष 2017 में नगर पंचायत भरवारी नगर पालिका बन गयी, तब से लेकर वर्ष 2022 तक नगर के प्रवेश द्वारों में कोई परिवर्तन नही किया गया,परंतु मौजूदा समय में नगर पालिका अध्यक्ष के निर्देश पर प्रवेश द्वारों से समाज सेवियों व देहदानियोंका नाम हृटवाकर खुद की फोटो लगवा दिया है। स्मृति द्वार पर अध्यक्ष का नाम व फोटो लगाये जाने का स्थानीय लोग विरोध कर रहे थे।

देहदानी स्व. रमाशंकर के पुत्र प्रकाश केसरवानी उर्फ बच्चा ने सर्कल समाचार से कहा था कि किसी के नाम से बनाये गये स्मृति द्वारा से उनका नाम हटाना गलत है। इसकी शिकायत वह डीएम सहित पार्टी के शीर्ष नेताओं से भी करेंगे। नगर के संभ्रांत लोगों ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की थी और कहा था कि नगर के समाजसेवियों के नाम से प्रवेश द्वार बनवाया गया था।मौजूदा नगरपालिका अध्यक्ष द्वारा राजनीतिक द्वेष के चलते हटवा दिया गया है। यह काम नगर पालिका अध्यक्ष की तुच्छ मानसिकता को दर्शाता है। व्यापार मंडल जिलाध्यक्ष प्रवेश केसरवानी ने भी नगर के प्रवेश द्वारों से सम्मानित लोगों का नाम हटाये जाने की निंदा करते हुए कहा कि शहीदों की स्मृति में बनाया गया प्रवेश द्वार से नाम हटाया नही जाता है बल्कि उसे सहेज कर रखा जाता है।सिर्फ़ राजनीति के लिए नगर पालिका अध्यक्ष को ऐसा नही करना चाहिए।

इस समाचार को आपके अपने सर्कल समाचार ने खबर को प्रमुखतः से प्रकाशित किया था। खबर को संज्ञान में लेकर नगर प्रशासन ने बुधवार को पुन: ठेकेदार को निर्देशित कर नगर के सभी प्रवेश द्वारों पर देहदानियों व समाजसेवियों का नाम लिखवाया। प्रवेश द्वारों पर पुन: देहदानियों व समाजसेवियों का नाम लिख जाने से नगर वासियों ने धन्यवाद ज्ञापित किया है ।

Ashok Kesarwani- Editor
Author: Ashok Kesarwani- Editor