कौशाम्बी: कौशाम्बी में घर से भागी युवतियों को बरामद किए जाने के लिए फर्जी पुलिस अधिकारी बनकर ठगी करने वाले झांसी के 3 शातिर अरेस्ट,
यूपी के कौशाम्बी जिले में विभिन्न थाना क्षेत्रों से घर से भागी युवतियों को बरामद किए जाने के लिए फोन पर फर्जी पुलिस अधिकारी बनकर ठगी करने वाले 3 शातिर युवकों को मध्य प्रदेश बॉर्डर के जिले झांसी से जिले की साइबर क्राइम पुलिस टीम ने अरेस्ट किया है,आरोपियों के पास से कई मोबाइल की सिम,मोबाइल फोन और अन्य डॉक्यूमेंट्स बरामद किया है,पुलिस ने लिखापढ़ी कर सभी तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया जहा से उन्हे जेल भेज दिया गया।
मामला सैनी कोतवाली क्षेत्र का है जहा के सुनील कुमार पुत्र राम सिंह ने पुलिस को सूचना दी थी कि धोखाधड़ी पूर्वक अपने को पुलिस इंस्पेक्टर राजीव यादव बताकर लड़की बरामद कराने के बदले में ऑनलाइन 50,000/- रुपये डलवाकर ठगी कर ली गयी है। तहरीर के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज किया था। वही दूसरी घटना मंझनपुर कोतवाली क्षेत्र का है जहा लड़की बरामद किए जाने को लेकर फर्जी पुलिस इंस्पेक्टर राजीव यादव बनकर 16 हजार रुपए का स्कैनर भेजकर रुपया की मांग की शिकायत दर्ज की गई थी।एसपी राजेश कुमार ने घटना के शीघ्र अनावरण एवं आरोपियों की गिरफ्तारी हेतु साइबर थाने को टीम गठित कर निर्देशित किया था।
इसी क्रम में साइबर थाना पुलिस टीम ने मोबाइल सर्विलांस तकनीकी एवं इलेक्ट्रानिक संसाधनों का प्रयोग कर पर्याप्त साक्ष्य संकलित कर मध्य प्रदेश के बॉर्डर से लोकेशन ट्रेस कर झांसी जिले के 03 आरोपियों दीपेन्द्र यादव पुत्र संतोष कुमार निवासी बस स्टैण्ड कटेरा थाना कटेरा जनपद झांसी, प्रदीप कुमार पुत्र रतिराम निवासी खोरियाना का खिरक थाना कटेरा जनपद झांसी और अजय कुमार पुत्र रामचरन निवासी मोरियाना का खिरक थाना कटेरा जनपद झांसी को अरेस्ट कर लिया।
पुलिस द्वारा आरोपियों ने गहन पूछताछ करने पर बताया कि हम लोग यूपीकॉप एप के माध्यम से एफआईआर डाउनलोड करते है, फिर एफआईआर में हम लोग देखते है कि किस एफआईआर में लड़की या लड़के के गुम होने का मामला है और फिर पीडित का नाम पता निकालते है। तत्पश्चात पीड़ित व्यक्ति के घर वालों से सम्पर्क करने के लिए विभिन्न सरकारी योजनाओं की वेबसाइट जैसे- panchayatiraj.up.nic.in/ से ग्राम प्रधान अथवा ग्राम सचिव का नाम व मोबाइल नम्बर लेकर उनसे पुलिस अधिकारी बनकर फोन करते है कि आपके गांव की लड़की गुम हुई थी जो मिल गयी है, और उन्ही के माध्यम से पीड़ित व्यक्ति को गुमराह कर खर्चे के नाम पर, फर्जी तरीके से खुलवाये गये विभिन्न बैंक के खातों में ऑनलाइन रूपये मंगाते हैं। इस मामले में भी हम लोगों ने कौशाम्बी जिला के थाना सैनी का एफआईआर निकालकर ग्राम प्रधान का नम्बर सरकारी वेबसाइट से निकालकर फोन करके पीड़ित व्यक्ति को गुमराह कर 50,000/- रुपये बैंक खाते में डलवाये थे।
आरोपियों ने पूछताछ में यह भी बताया कि हम लोग अन्य राज्यों से भी विभिन्न एप से एफआईआर निकालकर पीड़ितों से पैसा मंगवाते हैं। इसी प्रकार फर्जी पुलिस/सीबीआई अधिकारी बनकर लोगो को अश्लील वीडियो देखने का डर दिखाकर जेल भेजने की धमकी देकर तथा मोबाइल नम्बर को लकी विजेता घोषित कर इनाम का लालच देकर खातों में पैसे मंगवा लेते हैं।
एसपी राजेश कुमार ने प्रेस वार्ता कर घटना का खुलासा करते हुए इस बड़ी घटना के खुलासे की जानकारी दी।








