उत्तर प्रदेश,
तत्कालीन चकबंदी अधिकारी, बलिया समेत चार निलंबित
तीन के विरुद्ध निलंबन के अतिरिक्त प्राथमिकी दर्ज़,
न्यूज ऑफ इंडिया (एजेन्सी)
यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के भ्रष्ट्राचार के प्रति जीरो टोलिरेन्स की नीति के अंतर्गत चकबन्दी विभाग के भ्रष्ट अधिकारियों/कर्मचारियों के प्रति कठोर कार्यवाही का सिलसिला जारी है। चकबन्दी आयुक्त, जी०एस० नवीन कुमार द्वारा ग्राम सरसेना, परगना चिरैयाकोट तहसील मोहम्मदाबाद गोहना जनपद मऊ के शिकायती प्रार्थना पत्र पर ग्राम के अन्तिम अभिलेख में की गयी अनियमितताओं की जांच निदेशालय स्तर से गठित समिति द्वारा करायी गयी।
समिति के जांच आख्या में यह तथ्य प्रकाश में आया कि तत्कालीन चकबन्दी अधिकारी द्वारा आदेश दिनांक 30.06.2016 पारित करके खेल कूद के मैदान हेतु भूमि सुरक्षित कर खातेदारों को अनुचित लाभ पहुँचाया गया तथा यह आरक्षण बिना चकबन्दी समिति के प्रस्ताव के ही तथा बिना ग्राम सभा को नोटिस दिये पारित किया गया।
चकबंदी आयुक्त ने बताया कि तत्कालीन चकबन्दी अधिकारी जगदीश कुमार सम्प्रति चकबन्दी अधिकारी बलिया को निलम्बित करते हुये उनके विरूद्ध अनुशासनिक कार्यवाही प्रारम्भ की गयी। साथ ही ग्राम के अन्तिम भूचित्र में गाटा संख्या-1278, 1275 व 1279 की आकृत कूटरचित तरीके से त्रुटिपूर्ण ढंग से बना के शिकायतकर्ता को क्षति कारित करने तथा अन्य खातेदारों को अनुचित लाभ पहुचाने के दोषी तत्कालीन चकबन्दीकर्ता इन्द्रजीत यादव सम्प्रति चकबन्दीकर्ता सन्तकबीरनगर तथा प्रमोद कुमार पाण्डेय व यशवन्त सिंह, चकबन्दी लेखपालगण को निलम्बित करते हुये उनके विरूद्ध अनुशासनिक कार्यवाही करने व प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराने साथ ही अन्तिम अभिलेख/ भूचित्र में की गयी त्रुटि को दुरूस्त करने हेतु जिलाधिकारी/जिला उप संचालक चकबन्दी से अनुरोध किया गया।








