उत्तर प्रदेश,
सुरक्षित मातृत्व व शिशु मृत्युदर कम करने हेतु स्वास्थ्य विभाग प्रतिबद्ध:ब्रजेश पाठक,
न्यूज़ ऑफ इंडिया (एजेन्सी)
यूपी के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग व राष्ट्रीय मिशन के द्वारा प्रत्येक हाई रिस्क प्रेगनेंसी को चिन्हित कर मातृ और शिशु मृत्यु दर को कम करने, समस्त गर्भवती महिलाओं तक निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाएं पहुँचाने और उन्हें सुरक्षित संस्थागत प्रसव के लिए प्रेरित करने के लिए 19 मई 2016 से प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान संचालित किया जा रहा हैे।
उन्होंने बताया कि जनपद व ब्लाक स्तर की 1621 ईकाईयों पर प्रत्येक माह की 09 तारीख एवं समस्त एफ0आर0यू0 पर प्रत्येक माह की 24 तारीख को प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व क्लीनिक संचालित की जा रही है। इस अभियान के अर्न्तगत प्रत्येक माह समस्त गर्भवती महिलाओं को गर्भ के द्वितीय/तृतीय तिमाही में राजकीय चिकित्सालयों में कम से कम एक बार विशेषज्ञ अथवा एम0बी0बी0एस0 चिकित्सक की देख-रेख में प्रसव पूर्व जाँचों एवं उपचार से आच्छादित किया जा रहा है।
इस विशेष अभियान में निःशुल्क ब्लड टेस्ट, यूरीन टेस्ट, रक्तचाप, हीमोग्लोबिन और अल्ट्रासाउंड की जांच उपलब्ध कराई जाती हैं। साथ ही, प्रत्येक उच्च जोखिम गर्भावस्था की महिला को उच्च चिकित्सा इकाइयों पर 03 फालोअप विजिट के लिए रूपया 100/- प्रति विजिट हेतु यात्रा भत्ता भी प्रदान किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के अर्न्तगत प्रत्येक माह 1621 इकाईयों पर प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व क्लीनिक आयोजित किया जा रहा है। वर्ष 2022-23 में माह दिसंबर 2022 तक 12,58,118 गर्भवती महिलाओं को प्रसव पूर्व जाँच (ए0एन0सी0) एवं उपचार प्रदान किया गया है तथा 8,22,041 गर्भवती महिलाओं को गर्भावस्था के द्वितीय एवं तृतीय त्रैमास मंे प्रथम बार प्रसव पूर्व जाँच (ए0एन0सी) की सेवाएॅ प्रदान की गई हैं। 1,46,907 उच्च जोखिम युक्त (हाई रिस्क प्रेगनेन्सी) गर्भवती महिलाओं को चिन्हीकृत करके उपचारित किया गया है, जिसमें से 14,687 को उच्च चिकित्सा इकाई पर संदर्भित किया गया।








