कौशाम्बी,
प्रभारी CMO ने की राष्ट्रीय कृमि मुक्ति कार्यक्रम की अन्तर्विभागीय बैठक,01 से 19 वर्ष तक के सभी बच्चों को एल्बेंडाजोल की खिलाई जायेंगी दवा,
प्रभारी CMO डॉ0 एस0एन0झा0 की अध्यक्षता में राष्ट्रीय कृमि मुक्ति कार्यक्रम की अन्तर्विभागीय बैठक संपन्न हुई।
बैठक में डॉ0 हिन्द प्रकाश मणि ने बताया कि 01 वर्ष से 19 वर्ष तक के सभी बच्चों एवं किशोर/किशोरियों को एल्बेंडाजोल की दवा खिलाई जायेंगी। उन्होंने बताया कि एल्बेंडाजोल एक कृमि नाशक (पेट के कीड़े) की गोली है। इसको लेने से बच्चों के पेट के कीड़े निकल जाते है। एक से दो वर्ष के बच्चों को आधी गोली पीसकर साफ पानी के साथ दिया जाता है। जबकि दो वर्ष से तीन वर्ष तक के बच्चों को एक गोली पीसकर दिया जाता है। उन्होंने बताया कि 03 वर्ष से 19 वर्ष के बच्चों व किशोर/किशोरियों को यह दवा चबा-चबा कर खानी है, 20 जुलाई को एल्बेंडाजोल की गोलियां खिलाई जाएगी, जिसका क्रियान्वयन शिक्षा विभाग एवं आईसीडीएस विभाग के जरिये किया जाएगा। इसके साथ ही स्वास्थ्य विभाग द्वारा दवा मैनेजमेंट, रिपोर्टिंग फॉर्मेट, आईइसी सामग्री प्रदान करते हुए सभी के सहयोग एवं समन्वय से कार्यक्रम को सफल बनाया जाएगा। उन्होंने बताया कि दवा सेवन से पहले थोडा बहुत खाना जरुर खाने की सलाह दी जाती हैं। 20 जुलाई को समस्त आंगनबाड़ी केंद्रों पर 1 से 5 वर्ष तक के सभी पंजीकृत बच्चों को दवा खिलाई जाएगी। इसी प्रकार 06 वर्ष से 19 वर्ष तक के सभी छात्र-छात्राओं को सरकारी/सहायता प्राप्त प्राइवेट स्कूल में शिक्षकों के माध्यम से दवा खिलाई जाएगी। उन्होंने बताया कि समस्त आशाओं द्वारा 06 से 19 वर्ष तक के स्कूल न जाने वाले बच्चों की सूची बनाकर आंगनबाड़ी केंद्र पर दवा खिलाने हेतु सहयोग प्रदान किया जाएगा। उन्होंने बताया कि जनपद में इस बार 08 लाख बच्चो एवं किशोर/किशोरियों को दवा खिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया हैं।
डॉ0 हिन्द प्रकाश मणि ने बताया कि संक्रमण के लक्षण-गम्भीर कृमि संक्रमण से कई लक्षण उत्पन्न हो सकते है यथा-दस्त, पेट में दर्द, कमजोरी, उल्टी और भूख न लगना।
बच्चे में कीडे़ की मात्रा जितनी अधिक होगी, संक्रमण का लक्षण उतने ही अधिक होंगे। हल्के संक्रमण वाले बच्चों में आमतौर पर कोई लक्षण नहीं दिखते है।