कौशाम्बी: मेडिकल कॉलेज में हृदयसेतू (STEMI) केयर नेटवर्क के तहत जन जागरूकता संगोष्ठी का हुआ आयोजन,हार्ट अटैक आने पर बचाव की दी गई जानकारी,
यूपी के कौशाम्बी जिले में स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय में ‘हृदयसेतू’ (STEMI) केयर नेटवर्क के तहत एक महत्वपूर्ण जन जागरूकता संगोष्ठी का आयोजन किया गया। लेक्चर थिएटर-2 में आयोजित इस कार्यक्रम में एमबीबीएस छात्रों को संबोधित करते हुए प्रधानाचार्य डॉ. (प्रो.) हरिओम कुमार सिंह ने हार्ट अटैक के दौरान त्वरित उपचार और जीवन रक्षक दवाओं के महत्व पर विस्तार से चर्चा की।
प्रधानाचार्य डॉ. हरिओम कुमार सिंह ने बताया कि ‘हृदयसेतू’ पहल का मुख्य उद्देश्य हार्ट अटैक के मरीजों को बिना देरी किए निःशुल्क और प्रभावी उपचार प्रदान करना है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि यदि किसी व्यक्ति को छाती के बीच में तेज दर्द, भारीपन, जकड़न, सांस फूलना, ठंडा पसीना आना या दर्द का गर्दन और बांहों तक फैलना जैसे लक्षण महसूस हों, तो तत्काल चिकित्सकीय सहायता लेनी चाहिए। समय पर ली गई जीवन रक्षक औषधि मरीज की जान बचाने में निर्णायक साबित होती है।
इलाज की प्रक्रिया साझा करते हुए प्रधानाचार्य ने बताया कि अस्पताल पहुंचने वाले संदिग्ध मरीजों का तत्काल ईसीजी (ECG) किया जाता है। इसके बाद रिपोर्ट को ‘हब सेंटर’ मोती लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज, प्रयागराज भेजा जाता है। वहां के विशेषज्ञ कार्डियोलॉजिस्ट से परामर्श मिलने के बाद मरीज को जरूरी जीवन रक्षक इंजेक्शन दिए जाते हैं और बेहतर प्रबंधन के लिए उन्हें उच्च केंद्र (हब सेंटर) रेफर कर दिया जाता है।
कार्यक्रम में एमबीबीएस बैच 2024-25 के छात्र-छात्राओं ने भी भाग लेकर आपातकालीन हृदय उपचार की बारीकियों को समझा।








