कमेटी गठित कर जांचोपरांत दोषी लोगों पर हो समुचित कार्यवाही:अजय सोनी

कौशाम्बी

समर्थ किसान पार्टी ने केंद्र सरकार द्वारा लाए गए तीन किसान अध्यादेश विधेयको को लेकर महीनों से दिल्ली बॉर्डर पर आंदोलन कर रहे किसानों पर गणतंत्र दिवस के दिन हुई घटना को लेकर केंद्र सरकार द्वारा किसानों एवं किसान नेताओं पर एकतरफा कार्यवाही किए जाने पर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है।

पार्टी नेता अजय सोनी ने ग्राम गंभीरा पूर्व ब्लॉक सिराथू में किसानों से एक बैठक में वार्ता करते हुए कहा कि निसंदेह गणतंत्र दिवस के दिन दिल्ली में हुई घटना निंदनीय और दुर्भाग्यपूर्ण है और इससे देश शर्मसार हुआ है जिसकी समर्थ किसान पार्टी घोर निन्दा करती है। लेकिन जिन जिन लोगों द्वारा ऐसा देश विरोधी दुष्कृत्य हुआ है, उन उन लोगों को चिन्हित कर उनके खिलाफ एक स्वतंत्र जांच कमेटी गठित कर जांचोपरांत दोषी पाए जाने पर कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए और उन्हें फास्ट ट्रैक कोर्ट में मुकदमा चलाकर तत्काल कठोर सजा दी जाए लेकिन सिर्फ विरोध के विरोध में विद्वेष की मानसिकता से ग्रस्त होकर किसी निर्दोष किसान नेता, संगठन अथवा किसान को जबरन मुकदमे में न फंसाया जाए।

आगे कहा कि केंद्र सरकार निष्पक्ष तरीके से सभी पक्षों को न्याय के कठघरे में खड़ा कर सभी सम्बन्धित पक्षों के दोषी लोगों पर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करे फिर चाहे दिल्ली पुलिस के लोग हों अथवा किसान नेता या किसान आंदोलन में शामिल हुए किसान कार्यकर्ता हों। परन्तु किसी भी स्थिति में केंद्र सरकार द्वारा एकतरफा कार्यवाही नहीं की जानी चाहिए। घटना के जिम्मेदार सभी पक्षों के लोगों को समान रूप से न्याय के कठघरे में खड़ा किया जाना चाहिए।

इसी के साथ अजय सोनी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि केंद्र सरकार किसान आंदोलन को कुचलने एवं किसानों की आवाज दबाने के लिए उचित, अनुचित हर तरीके से तमाम निर्दोष किसान नेताओं एवं किसानों पर मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेजने एवं आंदोलन खत्म करने का कुचक्र रच रही है जो बहुत निंदनीय है। लोकतंत्र में सभी को संविधान के दायरे में रहकर अपनी बात रखने का अधिकार है और सरकार को लोगों के संवैधानिक अधिकार का मुकदमे के दम पर हनन नहीं करना चाहिए। जो लोग गणतंत्र दिवस के दिन दिल्ली में कुकृत्य किए हैं, उन लोगों को सरकार चिन्हित कर उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करे लेकिन अकारण किसी निर्दोष को फर्जी मुकदमे में न फंसाए। इस अवसर पर सुरेश तिवारी, राम शंकर यादव, कुलदीप मौर्य, प्रदीप कुमार समेत कई लोग मौजूद रहे।

Ashok Kesarwani- Editor
Author: Ashok Kesarwani- Editor