बसंत पंचमी एवं सुभाष चंद्र बोस जयंती पर कंपोजिट विद्यालय सौंरई बुजुर्ग आयोजित हुआ कार्यक्रम

कौशाम्बी: बसंत पंचमी एवं सुभाष चंद्र बोस जयंती पर कंपोजिट विद्यालय सौंरई बुजुर्ग आयोजित हुआ कार्यक्रम,

यूपी के कौशाम्बी जिले के कड़ा ब्लॉक के कंपोजिट विद्यालय सौंरई बुजुर्ग में शुक्रवार को वसंत पंचमी के अवसर पर ज्ञान की देवी मां सरस्वती की पूजा एवं देश की आजादी में योगदान देने वाले महान क्रांतिकारी नेताजी सुभाष चन्द्र बोस की जयंती धूमधाम से मनाई गई।

सर्वप्रथम छात्रों व शिक्षकों ने उनके चित्रों पर माल्यार्पण व पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन करते हुए पूजा अर्चना किया। उसके बाद शिक्षक आशीष श्रीवास्तव ने नेताजी सुभाष चंद्र के जीवन परिचय के संबंध में छात्रों को विस्तारपूर्वक बताया। उन्होंने बताया कि सुभाष चन्द्र का जन्म 23 जनवरी 1897 को एक प्रतिष्ठित, सुसंकृत और शिक्षित परिवार में हुआ था। पारिवारिक वातावरण ने नेताजी के व्यक्तित्व में अनुशासन, देशभक्ति और दृढ़ नैतिक मूल्यों का संचार किया। नेताजी ने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम को अतंर्राष्ट्रीय पहचान दिलाई। उन्होंने जर्मनी, जापान और दक्षिण एशिया के देशों से संपर्क स्थापित कर भारत की आजादी के लिए राजनीतिक, सैन्य और नैतिक समर्थन जुटाया व आजाद हिंद फौज की स्थापना कर वैश्विक मंच पर प्रतिष्ठा दिलाई। उनका ओजस्वी उद्घोष तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हे आजादी दूंगा। आज भी राष्ट्र के युवाओं में साहस, त्याग और बलिदान की ज्वाला प्रज्ज्वलित करता है।

शिक्षक अजय कुमार साहू ने कहा कि नेता जी का संस्कारों से सशस्त्र, राष्ट्रभक्ति से प्रेरित पारिवारिक आधार रहा है। आज की युवा पीढ़ी को उनके आदर्शो पर चलने का संकल्प लेना चाहिए। शिक्षक ने कहा कि आज वसंत पंचमी का पावन पर्व भी है। वसंत पंचमी तिथि को ही ज्ञान की देवी मां सरस्वती का अवतरण दिवस मनाया है। किसी भी कार्य को शुरू करने से पहले हम मां सरस्वती का पूजन व आरती है। ऐसे में इस शुभ अवसर पर एक तरफ ज्ञान देने वाली वीणवादिनी मां सरस्वती और महान क्रांतिकारी नेताजी सुभाष चन्द्र बोस का जन्मदिन एक ही दिन होने से हम सभी के लिए सौभाग्य है।

इस अवसर स्कूल के अन्य शिक्षक रूपा साहू, राठौर शशि देवी, रामप्रसाद, राजेश, शिवम केसरवानी सहित संकुल का समस्त स्टाफ उपस्थित रहा।

Ashok Kesarwani- Editor
Author: Ashok Kesarwani- Editor