मेडिकल कॉलेज में विश्व स्तनपान सप्ताह पर जागरूकता अभियान, विशेषज्ञों ने बताए माँ के दूध के लाभ, पहले छह माह तक केवल स्तनपान देने का आह्वान

कौशाम्बी: मेडिकल कॉलेज में विश्व स्तनपान सप्ताह पर जागरूकता अभियान, विशेषज्ञों ने बताए माँ के दूध के लाभ, पहले छह माह तक केवल स्तनपान देने का आह्वान,

यूपी के कौशाम्बी जिले में विश्व स्तनपान सप्ताह के अंतर्गत स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय (एएसएमसी) कौशाम्बी में गुरुवार को मदर एंड चाइल्ड हेल्थ (एमसीएच) विंग में गर्भवती एवं धात्री माताओं के लिए स्तनपान जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। बाल रोग विभाग, प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग तथा सामुदायिक चिकित्सा विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में माताओं को स्तनपान के महत्व, सही तकनीक एवं इससे जुड़ी भ्रांतियों के बारे में वैज्ञानिक जानकारी दी गई।

कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय के प्रधानाचार्य प्रो. (डॉ.) हरिओम कुमार सिंह ने किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि माँ का दूध शिशु के लिए प्रथम एवं सर्वोत्तम आहार है। जन्म के पहले घंटे के भीतर स्तनपान प्रारम्भ करना, जीवन के पहले छह माह तक केवल माँ का दूध देना तथा दो वर्ष अथवा उससे अधिक समय तक पूरक आहार के साथ स्तनपान जारी रखना प्रत्येक शिशु के स्वस्थ शारीरिक, मानसिक एवं बौद्धिक विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि स्तनपान को बढ़ावा देना स्वस्थ एवं सशक्त समाज के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

बाल रोग विभाग के डॉ. विकेश दुबे, प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग की डॉ. विशाखा दीक्षित तथा सामुदायिक चिकित्सा विभाग के डॉ. सन्तोष कुमार ने उपस्थित माताओं एवं उनके परिजनों को स्तनपान के वैज्ञानिक, चिकित्सीय एवं सामाजिक महत्व की जानकारी दी। विशेषज्ञों ने बताया कि माँ का दूध शिशु को सम्पूर्ण पोषण प्रदान करता है, उसकी रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाता है तथा निमोनिया, डायरिया सहित अनेक संक्रमणों से सुरक्षा प्रदान करता है। साथ ही यह शिशु के शारीरिक, मानसिक एवं भावनात्मक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

विशेषज्ञों ने बताया कि नियमित स्तनपान से माताओं के प्रसवोत्तर स्वास्थ्य में शीघ्र सुधार होता है तथा स्तन एवं डिम्बग्रंथि (ओवरी) के कैंसर का खतरा कम होता है। इसके अतिरिक्त माँ और शिशु के बीच भावनात्मक संबंध भी अधिक सुदृढ़ होते हैं।

कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञ चिकित्सकों ने गर्भवती एवं धात्री माताओं की जिज्ञासाओं का समाधान किया तथा उन्हें स्तनपान की सही तकनीक, सामान्य भ्रांतियों एवं वैज्ञानिक तथ्यों से अवगत कराया। उपस्थित सभी माताओं से जन्म के तुरंत बाद स्तनपान प्रारम्भ करने तथा पहले छह माह तक केवल माँ का दूध देने का संकल्प लेने का आह्वान किया गया।

इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. पंकज कुमार तिवारी, डॉ. संदीप कुमार, डॉ. निखिल चौधरी, डॉ. सोफिया, डॉ. शुएब सिद्दीकी (क्वालिटी मैनेजर) सहित अन्य चिकित्स, नर्सिंग अधिकारी, स्वास्थ्यकर्मी एवं महाविद्यालय के कर्मचारी उपस्थित रहे।

Ashok Kesarwani- Editor
Author: Ashok Kesarwani- Editor