कौशाम्बी: पूंछ में लगी आग तो धू-धू कर जल उठी सोने की लंका,
यूपी के कौशाम्बी जिले में श्रीरामलीला कमेटी मंझनपुर की ओर से आयोजित रामलीला में बाली वध और लंका दहन की लीला का प्रभावशाली मंचन किया गया। कलाकारों के सजीव अभिनय और संवादों ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया। देर रात तक रामलीला मैदान जय श्रीराम के जयकारों से गूंजता रहा।
मंझनपुर में चल रहे श्रीराम लीला मंचन में रविवार की रात बाली वध एवं लंका दहन का लीला दिखया गया। प्रसंग में सुग्रीव अपने भाई बाली के अत्याचार से परेशान होकर श्रीराम की शरण में पहुंचे। उन्होंने अपनी व्यथा सुनाते हुए कहा कि बाली ने छलपूर्वक उनका राज्य छीन लिया और उन्हें पत्नी समेत राज्य से बाहर कर दिया। श्रीराम ने सुग्रीव को न्याय दिलाने का भरोसा दिया। इसके बाद सुग्रीव ने बाली को युद्ध के लिए ललकारा। दोनों भाइयों के बीच भीषण युद्ध हुआ। इसी दौरान श्रीराम ने बाली पर बाण चलाकर उसका वध कर दिया। घायल बाली ने श्रीराम से सवाल किया कि उन्होंने छिपकर वार क्यों किया। श्रीराम ने धर्म और न्याय का संदेश देते हुए कहा कि जो अपने बल और अधिकार का दुरुपयोग कर अधर्म करता है, उसे दंड देना ही धर्म की रक्षा है। श्रीराम के संवाद से बाली को अपनी भूल का एहसास हुआ। उसने सुग्रीव को राज्य सौंपने और अंगद को उचित मार्ग पर चलाने की बात कही।
इसके बाद हनुमान द्वारा लंका दहन की लीला ने दर्शकों में रोमांच भर दिया। माता सीता की खोज में समुद्र पार कर हनुमान लंका पहुंचे और अशोक वाटिका में माता सीता से भेंट की। उन्होंने श्रीराम की मुद्रिका देकर विश्वास दिलाया कि प्रभु शीघ्र ही उन्हें रावण के बंधन से मुक्त कराने आएंगे। हनुमान ने रावण को समझाते हुए कहा कि माता सीता को सम्मानपूर्वक श्रीराम को सौंप दो, इसी में तुम्हारा और लंका का कल्याण है। अहंकार में चूर रावण ने हनुमान की बात नहीं मानी और उनकी पूंछ में आग लगाने का आदेश दे दिया। पूंछ में आग लगते ही हनुमान ने अपना विशाल रूप धारण किया और एक भवन से दूसरे भवन पर छलांग लगाते हुए लंका में आग लगा दी। देखते ही देखते सोने की लंका आग की लपटों से घिर गई। लंका दहन का दृश्य देखकर दर्शकों ने जय श्रीराम और बजरंगबली के जयकारे लगाए।
इसके साथ ही कलाकारों ने लीला का भावपूर्ण मंचन कर दर्शकों को धर्म, सत्य और अहंकार के विनाश का संदेश दिया। रविवार को हुए कार्यक्रम में अतिथि के रूप।में जिला पंचायत अध्यक्ष कल्पना सोनकर, महिला आयोग सदस्य प्रतिभा कुशवाहा, जितेंद्र सोनकर का कमेटी अध्यक्ष ने तैलचित्र देकर स्वागत किया है।
इस मौके पर रामलीला कमेटी के अध्यक्ष आशीष केसरवानी उर्फ बच्चा, महामंत्री पंकज शर्मा, उपाध्यक्ष ज्ञानचन्द्र गुप्ता, सुशील श्रीवास्तव, संगठन मंत्री झल्लर चौरासिया, सुशील केसरवानी, रोहित गुप्ता, मंत्री सुनील श्रीवास्तव, कोषाध्यक्ष सोने लाल, अजय वर्मा, रिंकू, शिवा सहित नगर के सम्भ्रान्त एवं आस-पास क्षेत्र के भारी संख्या में लोग मौजूद रहें।








