कौशाम्बी: कौशाम्बी में नवरात्र में नुकीली कीलों की शैय्या पर 9 दिन की कठिन साधना,अंगारों पर चलकर पूरी की नौ दिन की प्रतिज्ञा,
यूपी के कौशाम्बी जिले में शारदीय नवरात्र में मां दुर्गा के भक्त अपनी-अपनी श्रद्धा और आस्था के अनुसार पूजा-अर्चना कर रहे हैं। वही नगर पालिका परिषद भरवारी के अमहा गांव में युवती की कठिन साधना चर्चा का विषय बनी हुई है। यह युवती लोहे की कीलों से बनी शैय्या पर लेटकर और कीलो की कुर्सी पर बैठकर तपस्या करती हैं। नवरात्र की नवमी पर उन्होंने अंगारों पर चलकर अपनी नौ दिवसीय प्रतिज्ञा पूरी की। इस दौरान गांव में माता रानी के जयकारे गूंजते रहे और युवती की साधना देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग जुटे।
प्रतापगढ़ जनपद के पुन्नेमऊ गांव की रहने वाली फोटो उर्फ सुदेश्वरी दुर्गा पिछले चार वर्षों से तपस्या कर रही हैं। इन दिनों वह अपनी बहन शिमला देवी के घर नगर पालिका परिषद भरवारी के अमहा गांव आई हुई हैं, जहां उनकी साधना जारी है। महिला को देखने के लिए दिनभर लोगों का आना-जाना लगा रहता है। वहीं, शाम होते ही गांव का माहौल भक्तिमय हो जाता है और श्रद्धालु माता रानी की पूजा-अर्चना में जुट जाते हैं।
सपने में माता रानी के दर्शन के बाद साधना करने वाली सुदेश्वरी दुर्गा ने बताया कि चार वर्ष पहले वह गंभीर बीमारी से परेशान थीं। काफी इलाज कराने के बावजूद उन्हें राहत नहीं मिल रही थी। इसी दौरान उनके सपने में माता रानी आईं और उन्हें कठिन तपस्या करने के लिए प्रेरित किया। महिला के मुताबिक, इसके बाद उन्होंने मां दुर्गा की आराधना शुरू कर दी। उनका दावा है कि साधना शुरू करने के बाद बीमारी से जुड़ी परेशानियां दूर हो गईं। तभी से वह लगातार माता रानी की तपस्या कर रही हैं।
वही नवरात्र की नवमी पर सोमवार को महिला ने अपनी नौ दिवसीय प्रतिज्ञा पूरी की। इससे पहले उन्होंने पूरे अमहा गांव का भ्रमण किया। इसके बाद कीलों से बनी शैया पर बैठकर और खड़े होकर झूला झूला। फिर अंगारों पर चलकर अपनी साधना पूरी की। इस दौरान ग्रामीणों और श्रद्धालुओं की भीड़ जुटी रही। महिला की कठिन साधना को लेकर पूरे गांव में दिनभर चर्चा होती रही और भक्तिमय माहौल बना रहा।








