कौशाम्बी,
आपदा से निपटने के लिए एनडीआरएफ ने किया भूकंप बचाव मॉक ड्रिल,
यूपी के कौशाम्बी जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और 11 वी० वाहिनी राष्ट्रीय आपदा मोचक दल (एनडीआरएफ) द्वारा शनिवार को तहसील परिसर मंझनपुर में भूकंप आधारित मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। एडीएम अरुण कुमार की उपस्थिति में हुए इस अभ्यास में भूकंप के दौरान राहत और बचाव कार्यों की तैयारियों को परखा गया।
मॉक ड्रिल के दौरान इंसिडेंट कमांडर अजेन्द्र सिंह,एसडीएम मंझनपुर को इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर से सूचना मिली कि जनपद में 7.2 रिक्टर स्केल का भूकंप आया है, जिससे तहसील कार्यालय मंझनपुर में 8-10 लोग फंसे हुए हैं। सूचना मिलते ही एनडीआरएफ की टीम को राहत और बचाव कार्यों के लिए बुलाया गया।
एनडीआरएफ की प्रशिक्षित टीम ने अत्याधुनिक केनाइन सर्च और टेक्निकल सर्च की मदद से मलबे में फंसे लोगों को खोजा। इसके बाद, स्टकबरल कटिंग तकनीक का प्रयोग कर दो विक्टिम को सुरक्षित बाहर निकाला। इसके अलावा, दो लोगों को टेम्परेरी रोपवे की मदद से हाईराइज़ बिल्डिंग से सुरक्षित नीचे उतारा।
वही अग्निशमन विभाग ने भी मॉक ड्रिल में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। टीम ने एक विक्टिम को सुरक्षित बाहर निकालकर एंबुलेंस से अस्पताल भेजा। इसके अलावा, गैस सिलेंडर में लगी आग को फायर एक्सटिंग्विशर की मदद से बुझाने का प्रदर्शन किया गया।
मॉक ड्रिल के बाद आयोजित संगोष्ठी में एनडीआरएफ अधिकारियों ने राहत और बचाव कार्यों पर चर्चा करते हुए जन जागरूकता की जरूरत पर जोर दिया। इस दौरान इंसिडेंट रिस्पांस सिस्टम (IRS) की जानकारी दी गई, जिसमें आपदा के समय विभिन्न विभागों की जिम्मेदारियों को स्पष्ट किया गया। अधिकारियों ने बताया कि आपदा के पहले 8 घंटे बेहद महत्वपूर्ण होते हैं, जिनमें तेजी से खोज और बचाव कार्य करना जरूरी होता है।
मॉक एक्सरसाइज में विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया, जिनमें एनडीआरएफ के 35 जवान,अग्निशमन विभाग:ल के 20 कर्मचारी,राजस्व विभाग के 15 अधिकारी,चिकित्सा विभाग के15 लोग,पंचायत विभाग के 2 प्रतिनिधि,पुलिस विभाग के 20 कर्मचारी,तहसील सदर के 50 अधिकारी एवं कर्मचारी,होमगार्ड के 15 जवान,जिला चिकित्सालय के 5 कर्मचारी एवं प्राथमिक विद्यालय के 30 बच्चे शामिल रहे।