विश्व कैंसर दिवस पर मेडिकल कॉलेज में भव्य जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन,मेडिकल छात्रों को किया गया जागरूक

कौशाम्बी: विश्व कैंसर दिवस पर मेडिकल कॉलेज में भव्य जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन,मेडिकल छात्रों को किया गया जागरूक,

यूपी के कौशाम्बी मेडिकल कॉलेज में विश्व कैंसर दिवस के अवसर पर एक भव्य कैंसर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आमजन को कैंसर जैसी गंभीर बीमारी के प्रति जागरूक करना, इसके प्रारंभिक लक्षणों की पहचान तथा समय पर जांच और उपचार के महत्व को समझाना रहा।

कार्यक्रम की शुरुआत जागरूकता संबोधन से हुई, जिसमें मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डा0 हरिओम कुमार सिंह ने कैंसर के बढ़ते हुए मामलों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि जानकारी की कमी और देर से पहचान कैंसर से होने वाली मृत्यु का प्रमुख कारण है। उन्होंने बताया कि कैंसर कोई लाइलाज बीमारी नहीं है, बशर्ते इसकी समय रहते पहचान कर उचित इलाज कराया जाए, उन्होंने लोगो से स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की अपील की। साथ ही संतुलित आहार, नियमित व्यायाम एवं समय-समय पर स्वास्थ्य जांच को कैंसर से बचाव के लिए आवश्यक बताया।

कम्युनिटी मेडिसिन के डा0 सन्तोष कुमार ने बताया कि वर्तमान समय में देश सहित प्रदेश में कैंसर का बोझ लगातार बढ़ता जा रहा है, जो एक गंभीर जनस्वास्थ्य समस्या बन चुका है। जीवनशैली में बदलाव, तंबाकू एवं नशीले पदार्थों का सेवन, असंतुलित आहार और देर से जांच कराना इसके प्रमुख कारण हैं। उन्होंने कहा कि कैंसर का बढ़ता बोझ न केवल मरीजों बल्कि उनके परिवारों और समाज पर भी आर्थिक व मानसिक दबाव डालता है। इस बोझ को कम करने के लिए जनजागरूकता, समय पर स्क्रीनिंग और प्रारंभिक उपचार अत्यंत आवश्यक है।

महिला रोग विभाग की डा0 विशाखा दिक्षित ने जानकारी देते हुए बताया कि गर्भाशय ग्रीवा का कैंसर महिलाओं में पाया जाने वाला एक प्रमुख कैंसर है, जिसकी समय पर पहचान और रोकथाम संभव है। उन्होंने कहा कि यह कैंसर मुख्य रूप से एचपीवी संक्रमण, जागरूकता की कमी और नियमित जांच न कराने के कारण होता है। प्रारंभिक अवस्था में इसके लक्षण स्पष्ट नहीं होते, इसलिए नियमित स्क्रीनिंग अत्यंत आवश्यक है। चिकित्सकों ने बताया कि टीकाकरण, नियमित जांच और सही समय पर उपचार से गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर से होने वाली मृत्यु दर को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

सर्जरी विभाग के डा0 नरेन्द्र कुमार एवं डा0 मो0 अरसद द्वारा बताया कि स्तन कैंसर महिलाओं में तथा प्रोस्टेट कैंसर पुरुषों में पाए जाने वाले प्रमुख कैंसरों में शामिल हैं, जिनका समय पर पता लगने पर सफल उपचार संभव है। उन्होंने कहा कि जागरूकता की कमी, नियमित जांच न कराना और जीवनशैली में बदलाव इन कैंसरों के बढ़ते मामलों के प्रमुख कारण हैं। स्तन कैंसर की पहचान के लिए स्वयं परीक्षण एवं नियमित जांच आवश्यक है, वहीं प्रोस्टेट कैंसर की समय पर पहचान के लिए पुरुषों को उम्र के अनुसार जांच करानी चाहिए। चिकित्सकों ने अपील की कि महिलाएं और पुरुष दोनों ही स्वास्थ्य के प्रति सजग रहें और किसी भी असामान्य लक्षण को नजरअंदाज न करें।

अन्त पर स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय कौशाम्बी के अधिकारी, चिकित्सक, स्वास्थ्यकर्मी, नर्सिंग स्टाफ एवं एम0बी0बी0एस0 के छात्र-छात्राये उपस्थित रहे। सभी ने कैंसर के प्रति जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया साथ ही स्वास्थ्य के प्रति चेतना जगाने एवं कैंसर जैसी घातक बीमारी के खिलाफ जनजागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक सराहनीय प्रयास साबित हुआ। संस्थान द्वारा भविष्य में भी इस प्रकार के जनहितकारी कार्यक्रम आयोजित किए जाने की बात कही गई।

Ashok Kesarwani- Editor
Author: Ashok Kesarwani- Editor