विभाजन में लोगों ने अपने घर छोड़े,अपनी जमीन छोड़ी,अपनी संपत्ति छोड़ी,लेकिन अपनों को खोने का था सबसे बड़ा दर्द—कृतिका अग्रवाल

कौशाम्बी: विभाजन में लोगों ने अपने घर छोड़े,अपनी जमीन छोड़ी,अपनी संपत्ति छोड़ी,लेकिन अपनों को खोने का था सबसे बड़ा दर्द—कृतिका अग्रवाल,

यूपी के कौशाम्बी जिले के मंझनपुर ब्लॉक सभागार में आयोजित विभाजन विभीषिका पर आधारित प्रदर्शनी एवं संगोष्ठी को बतौर मुख्यातिथि प्रदेश उपाध्यक्ष कृतिका अग्रवाल,जिलाध्यक्ष धर्मराज मौर्य ने अवलोकन कर संबोधित किया व मौन जुलूस निकाल कर हताहत लोगों को नमन किया।

उन्होंने विभाजन विभीषिका पर आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन कर संगोष्ठी को संबोधित करते हुए कहा कि वर्ष 1947 में देश का विभाजन केवल जमीन पर खींची गई एक लकीर नहीं थी,बल्कि यह करोड़ों लोगों के जीवन,सपनों और भावनाओं को झकझोर देने वाली दुर्भाग्यपूर्ण त्रासदी थी।लाखों परिवारों को अपना घर,अपनी जमीन,अपना व्यापार और अपनी जन्मभूमि छोड़कर अनजान रास्तों पर निकलना पड़ा।किसी ने अपना बेटा खोया,किसी ने पिता,किसी की बहन बिछड़ गई तो किसी का पूरा परिवार ही उजड़ गया। विस्थापन की पीड़ा,हिंसा का दर्द और अपनों से बिछड़ने का दुःख ऐसी स्मृतियां हैं,जिन्हें शब्दों में पूरी तरह व्यक्त करना संभव नहीं।आज हम उन सभी ज्ञात-अज्ञात पीड़ितों,विस्थापितों और बलिदानियों को श्रद्धापूर्वक नमन करते हैं,जिन्होंने विभाजन की उस भयावह त्रासदी को झेला।विभाजन का इतिहास हमें किसी के प्रति घृणा का संदेश नहीं देता।बल्कि यह हमें चेतावनी देता है कि जब समाज में वैमनस्य,अविश्वास और विभाजन की भावना बढ़ती है,तो उसका सबसे बड़ा नुकसान सामान्य नागरिक और आने वाली पीढ़ियां उठाती हैं।

जिलाध्यक्ष धर्मराज मौर्य ने संबोधित करते हुए कहा कि वर्ष 1947 में देश का विभाजन हुआ। एक ओर स्वतंत्रता का उत्सव था,तो दूसरी ओर लाखों परिवारों के जीवन में ऐसा अंधकार छा गया,जिसकी टीस पीढ़ियों तक महसूस की गई।हजारों किलोमीटर की यात्राएं पैदल तय की गईं। सिर पर सामान था,आंखों में आंसू थे और मन में केवल एक सवाल था अब हमारा घर कहां है।विभाजन की विभीषिका में असंख्य निर्दोष नागरिकों ने अपने प्राण गंवाए।असंख्य परिवार बिछड़ गए और करोड़ों लोगों का जीवन अस्त-व्यस्त हो गया। हम उन सभी पीड़ितों और बलिदानियों को आज श्रद्धापूर्वक नमन करते हैं।इतिहास केवल पढ़ने के लिए नहीं होता,इतिहास से सीखने के लिए होता है। विभाजन की त्रासदी हमें सिखाती है कि समाज में आपसी विश्वास,सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय एकता कितनी महत्वपूर्ण है।आज हमें संकल्प लेना है कि भारत की एकता और अखंडता के साथ कोई समझौता नहीं होगा। हमारी विविधता हमारी शक्ति है और एक भारत,श्रेष्ठ भारत हमारा सामूहिक लक्ष्य है।

इस मौके पर एससी एसटी आयोग के सदस्य जितेंद्र कुमार गौतम,पूर्व विधायक मंझनपुर लाल बहादुर,शीतला प्रसाद पटेल,जिला उपाध्यक्ष प्रदीप कुमार शीलू पाण्डेय,भोलेशंकर कुशवाहा,चक्रेश मिश्रा,नितिन पासी,जिला महामंत्री राकेश पाण्डेय,जगदीश सरोज,ज्योति केसरवानी, सहित तमाम पदाधिकारी,जनप्रतिनिधि,मण्डल अध्यक्ष,मोर्चा जिलाध्यक्ष/महामंत्री एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहें।

Ashok Kesarwani- Editor
Author: Ashok Kesarwani- Editor