कौशाम्बी: मेडिकल कॉलेज कौशाम्बी में स्वाइन फ्लू को लेकर सतर्कता,इन्फ्लूएंजा वार्ड में 10 बेड आरक्षित, मरीजों को मिलेगी त्वरित चिकित्सीय सुविधा,
उत्तर प्रदेश में स्वाइन फ्लू यानी एच1एन1 इन्फ्लूएंजा के बढ़ते मामलों को देखते हुए भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) से प्राप्त दिशा-निर्देशों के क्रम में स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय, कौशाम्बी में सतर्कता बढ़ा दी गई है। संभावित मरीजों को त्वरित एवं बेहतर चिकित्सीय सुविधा उपलब्ध कराने के लिए इन्फ्लूएंजा वार्ड में बेड आरक्षित किए गए हैं।

प्रधानाचार्य डॉ. हरिओम कुमार सिंह के निर्देश पर मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) डॉ. पंकज तिवारी ने स्वाइन फ्लू/इन्फ्लूएंजा मरीजों के लिए कुल 10 बेड आरक्षित किए हैं। इनमें मेडिसिन विभाग में छह तथा पीडियाट्रिक विभाग में चार बेड शामिल हैं। साथ ही संबंधित विभागों को आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित रखने तथा संदिग्ध मरीजों की समय से पहचान एवं उपचार के निर्देश दिए गए हैं।
ये हैं प्रमुख लक्षण
एच1एन1 इन्फ्लूएंजा में सामान्यतः बुखार, खांसी, गले में खराश, नाक बहना या बंद होना, सिरदर्द, शरीर में दर्द, कमजोरी और थकान जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। बच्चों में चिड़चिड़ापन, भूख कम लगना तथा कुछ मामलों में उल्टी-दस्त भी हो सकते हैं।
बचाव के लिए बरतें सावधानी
खांसते या छींकते समय मुंह और नाक को ढकें।
हाथों को साबुन से नियमित रूप से धोएं।
भीड़भाड़ वाली जगहों पर अनावश्यक जाने से बचें।
संक्रमित या बीमार व्यक्ति के निकट संपर्क से बचें।
बुखार और खांसी होने पर चिकित्सकीय सलाह लें तथा दूसरों से उचित दूरी बनाए रखें।
बिना चिकित्सकीय परामर्श के दवाओं का सेवन न करें।
मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि स्वाइन फ्लू के लक्षण दिखाई देने पर घबराने के बजाय समय से चिकित्सकीय परामर्श लें। समय पर जांच, पहचान और उपचार से बीमारी की गंभीरता को कम किया जा सकता है।








