सेवा,समर्पण और अनुशासन के संकल्प के साथ कौशाम्बी मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस के नए बैच का आगाज

कौशाम्बी: सेवा,समर्पण और अनुशासन के संकल्प के साथ कौशाम्बी मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस के नए बैच का आगाज,

यूपी के कौशाम्बी स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय में एमबीबीएस प्रथम वर्ष बैच 2026 के नवप्रवेशित छात्र-छात्राओं के लिए शुक्रवार को लेक्चर थिएटर-2 में ओरिएंटेशन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को चिकित्सा शिक्षा की बारीकियों, महाविद्यालय के शैक्षणिक वातावरण, अनुशासन, नैतिक मूल्यों तथा छात्रावास की व्यवस्थाओं से अवगत कराया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को चिकित्सा शिक्षा की नई यात्रा के लिए तैयार करना और उनमें सेवा भावना, जिम्मेदारी एवं मानवीय संवेदनशीलता विकसित करना रहा।

कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. (डॉ.) हरिओम कुमार सिंह के संबोधन से हुआ। उन्होंने नवप्रवेशित छात्र-छात्राओं का स्वागत करते हुए कहा कि चिकित्सा का पेशा केवल एक करियर नहीं, बल्कि मानवता की सेवा का महत्वपूर्ण माध्यम है। एक सफल चिकित्सक बनने के लिए किताबी ज्ञान के साथ अनुशासन, समर्पण, नैतिकता और मरीजों के प्रति संवेदनशील व्यवहार भी आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों से नियमित अध्ययन करने, समय का सदुपयोग करने तथा महाविद्यालय में उपलब्ध शैक्षणिक सुविधाओं का अधिकतम लाभ उठाने का आह्वान किया।

डीन एकेडमिक डॉ. शारदा सिंह ने विद्यार्थियों को एमबीबीएस पाठ्यक्रम, शैक्षणिक गतिविधियों, नियमित कक्षाओं, प्रायोगिक प्रशिक्षण और आंतरिक मूल्यांकन की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि चिकित्सा शिक्षा में सैद्धांतिक ज्ञान के साथ व्यावहारिक दक्षता, टीम भावना और निरंतर सीखने की प्रवृत्ति अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग के दिशा-निर्देशों एवं महाविद्यालय के नियमों का पालन करने पर विशेष जोर दिया।

एनाटॉमी विभाग के सह-आचार्य एवं विभागाध्यक्ष डॉ. राकेश कुमार शुक्ला ने शरीर रचना विज्ञान के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि एनाटॉमी चिकित्सा शिक्षा की आधारशिला है। उन्होंने विद्यार्थियों को नियमित रूप से लेक्चर एवं डिसेक्शन कक्षाओं में भाग लेने, प्रयोगशाला के नियमों का पालन करने तथा कैडेवर के प्रति सम्मान और गरिमा बनाए रखने की सीख दी।

कार्यक्रम के दौरान छात्रावास वार्डन ने छात्रावास में अनुशासन, स्वच्छता, सुरक्षा, समय-सारिणी और सामूहिक जीवन से संबंधित नियमों की जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों को सकारात्मक एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाए रखने तथा किसी भी समस्या के समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों से संपर्क करने की सलाह दी।

इस अवसर पर विद्यार्थियों को महाविद्यालय की विभिन्न व्यवस्थाओं एवं सुविधाओं से भी परिचित कराया गया। उन्हें नियमित उपस्थिति, अनुशासित दिनचर्या और जिम्मेदार व्यवहार अपनाने के लिए प्रेरित किया गया, ताकि वे अपनी शैक्षणिक यात्रा को सफलतापूर्वक आगे बढ़ा सकें।

ओरिएंटेशन कार्यक्रम ने नवप्रवेशित विद्यार्थियों को चिकित्सा शिक्षा के मूल सिद्धांतों से परिचित कराते हुए उन्हें ज्ञान, कौशल, नैतिकता और सेवा भावना के साथ भविष्य के जिम्मेदार चिकित्सक बनने की दिशा में प्रेरित किया।

कार्यक्रम में प्राचार्य प्रो. (डॉ.) हरिओम कुमार सिंह, डीन एकेडमिक डॉ. शारदा सिंह, डॉ. राकेश कुमार शुक्ला, डॉ. अरिन्दम् चक्रवर्ती, डॉ. संतोष कुमार, डॉ. प्रतिमा त्रिपाठी, डॉ. संध्या खरे सहित अन्य संकाय सदस्य, चिकित्साधिकारी, जूनियर रेजीडेंट, इंटर्न, कर्मचारी एवं एमबीबीएस प्रथम वर्ष के छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

 

Ashok Kesarwani- Editor
Author: Ashok Kesarwani- Editor