कौशाम्बी: मेडिकल कॉलेज में हृदयाघात के पांच मरीजों को मिला जीवनरक्षक उपचार,समय पर थ्रोम्बोलाइसिस के बाद प्रयागराज में हुआ आगे का उपचार, स्टेंट प्रत्यारोपण के बाद मरीजों के स्वास्थ्य में सुधार,
यूपी के कौशाम्बी स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय में उत्तर प्रदेश सरकार की केंद्र एवं संबद्ध स्वास्थ्य केंद्र व्यवस्था के अंतर्गत हृदयाघात के मरीजों को त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है। हृदयाघात की समय पर पहचान, तत्काल उपचार तथा आवश्यकता पड़ने पर उच्च चिकित्सा केंद्र में भेजने की व्यवस्था से मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधा मिल रही है।
मेडिकल कॉलेज में अक्टूबर माह के दौरान हृदयाघात से पीड़ित पांच मरीजों को समय पर जीवनरक्षक उपचार प्रदान किया गया। महाविद्यालय के हृदयाघात उपचार केंद्र में मरीजों को टेनेक्टेप्लेज इंजेक्शन देकर रक्त के थक्के घोलने की प्रक्रिया की गई। इसके बाद मरीजों को विशेषज्ञ उपचार के लिए स्वरूप रानी नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय, प्रयागराज के हृदय रोग विभाग में भेजा गया।
प्रयागराज में विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा आवश्यकतानुसार हृदय की रक्त वाहिकाओं में स्टेंट डालने सहित अन्य उपचार किया गया। इसके बाद मरीजों के स्वास्थ्य में सुधार हुआ। मेडिकल कॉलेज कौशाम्बी की टीम द्वारा मरीजों का अनुवर्ती परीक्षण कर उनसे बातचीत की गई। मरीजों ने उपचार के बाद स्वास्थ्य में सुधार एवं बेहतर जीवन की ओर लौटने की जानकारी दी।
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. हरिओम कुमार सिंह के नेतृत्व में मेडिसिन विभाग एवं आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं द्वारा गंभीर मरीजों को तत्काल उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है।इस जीवनरक्षक उपचार में मेडिसिन विभाग की डॉ. सुरभि प्रकाश, वरिष्ठ सलाहकार डॉ. ए.के. सिंह एवं डॉ. संजीव सिंह का विशेष योगदान रहा।
इसके अतिरिक्त नोडल आपातकालीन एनेस्थीसियोलॉजिस्ट डॉ. संजय सोनकर, आपातकालीन चिकित्सा अधिकारी डॉ. अमित सिंह, डॉ. सुनील कुमार एवं डॉ. साहिद, नर्सिंग अधिकारी श्रीमती शिखा प्रजापति तथा फार्मासिस्ट आभदेश कुमार चौरसिया ने मरीजों के त्वरित उपचार एवं देखभाल में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।चिकित्सकीय टीम के समन्वित प्रयासों से मरीजों की जांच, हृदयाघात की पहचान, समय पर थ्रोम्बोलाइसिस तथा उच्च चिकित्सा केंद्र में भेजने की प्रक्रिया सुनिश्चित की गई।
प्राचार्य डॉ. हरिओम कुमार सिंह ने कहा कि मेडिकल कॉलेज का उद्देश्य जनपद के मरीजों को समय पर बेहतर एवं गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है। हृदयाघात उपचार केंद्र के माध्यम से मरीजों को जीवनरक्षक उपचार उपलब्ध कराना तथा आवश्यकता पड़ने पर उच्च चिकित्सा केंद्रों से समन्वय स्थापित करना महत्वपूर्ण पहल है।उन्होंने मेडिसिन विभाग, आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं, एनेस्थीसिया, नर्सिंग एवं फार्मेसी टीम के चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों के प्रयासों की सराहना की।








