कौशाम्बी: तेजसा युवती सम्मेलन में छात्राओं को नेतृत्व व सामाजिक सहभागिता के लिए किया प्रेरित,
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद कौशाम्बी (काशी प्रांत) के तत्वावधान में “तेजसा युवती सम्मेलन” का आयोजन किया गया । सम्मेलन में जिले के विभिन्न विद्यालय और महाविद्यालयों से बड़ी संख्या में छात्राएँ एवं युवतियाँ शामिल हुई । कार्यक्रम में वक्ताओं ने युवतियों से अपनी क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया । कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन व सरस्वती जी ,विवेकानंद जी के चित्र पर माल्यार्पण और सामूहिक वन्देमातरम के साथ हुआ। सम्मेलन में क्षेत्र एवं जिले की विभिन्न महिला पदाधिकारी और प्रमुख कार्यकर्ता मौजूद रही । मंच पर शिव प्रसाद ,कल्पना सोनकर, आँचल सिंह ,उर्मिला सिंह,श्रेयसी जायसवाल सहित अन्य अतिथियों की उपस्थिति रही ।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ जिला प्रचारक शिव प्रसाद जी ने अपने सम्बोधन में कहा कि संघ के शताब्दी वर्ष के निमित्त विद्यार्थी परिषद के द्वारा यह युवती सम्मेलन सराहनीय है वही संघ के शताब्दी वर्ष पर प्रकाश डालते हुए युवतियों से कहा पंच परिवर्तन सिर्फ भाषण का विषय नहि बल्कि सभी को अपने व्यवहार में लाना है ।पहले अपने जीवन में उतारे और “पंच परिवर्तन के पाँचो विन्दुओं को याद कराएँ 1- सामाजिक समरसता 2- कुटुम्ब प्रबोधन 3-स्व का जागरण 4- नागरिक कर्तव्य का पालन 5- पर्यावरण संरक्षण यह पाँच व्यवहार सभी युवतियाँ अपने जीवन में उतारे और यह पाँच आयाम समाज के सर्वांगीण विकास के प्रमुख स्तम्भ है और कहा कि देश में सामाजिक और नैतिक उत्थान के लिए पंच परिवर्तन की अवधारणा अत्यधिक महत्वपूर्ण है ।
मुख्य वक्ता अभाविप राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य/ प्रांत छात्रा प्रमुख आँचल सिंह ने कहा कि आज की नारी केवल परिवार की जिम्मेदारियों तक सीमित नहीं है, बल्कि राष्ट्र निर्माण,समाज सुधार और विभिन्न क्षेत्रो में नेतृत्वकारी भूमिका निभा रही है ।उन्होने छात्राओं से अपनी आंतरिक शक्ति और प्रतिभा को पहचानने का आह्वान किया ।
जिला पंचायत अध्यक्ष कल्पना सोनकर ने कहा कि शिक्षा के साथ वैचारिक मजबूती जरूरी इतिहास इस बात का साक्षी है कि जब जब देश और समाज के सामने संकट आया तब -तब नारी शक्ति ने साहस और पराक्रम का परिचय दिया है । उन्होंने युवतियो को शिक्षा के साथ वैचारिक रूप से मजबूत बनने तथा सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता बढाने के लिए प्रेरित किया,उन्होने कहा वर्तमान समय में युवतियों का आत्मनिर्भर और जागरूक होना आवश्यक है ,वे अपने व्यक्तित्व और प्रतिभा का विकास कर समाज में सकारात्मक बदलाव की वाहक बन सकती है ।
महिला थानाध्यक्ष उर्मिला सिंह ने कहा कि एआई और सोशल मीडिया के दौर में युवाओं के सामने अवसरों के साथ चुनौतियां भी हैं ।युवाओं को सकारात्मक और नकारात्मक सामग्री के बीच अंतर समझकर अपने विकास पर ध्यान देना चाहिए। उन्होने युवतियों को शिक्षा और आत्मनिर्भरता के साथ बढने के लिए प्रेरित किया ।
जिला छात्रा प्रमुख श्रेयसी जायसवाल ने आभार जताया और संचालन सालिनी ने किया जिसमें उपस्थित रहे अभाविप प्रतापगढ विभाग संगठन मंत्री अनिल त्रिपाठी,विभाग संयोजक अमर सिंह,जिला संयोजक सुशील सोनकर, प्रशांत मणि पाण्डेय, दीपक राजपूत,शौर्य पाण्डेय,आनन्द पटेल,पवन भट्ट,यश पाण्डेय इत्यादि कार्यकर्ता उपस्थित रहे।








