कौशाम्बी: असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को उनके अधिकारों एवं कल्याणकारी योजनाओं के प्रति किया गया जागरूक,
यूपी के कौशाम्बी जिले में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के अधिकार, विधिक संरक्षण एवं शासन द्वारा संचालित कल्याणकारी योजनाओं के विषय पर ग्राम सभा बदनपुर कादीपुर में साक्षरता एवं जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया।
पीएलवी ओम प्रकाश द्वारा शिविर में उपस्थित श्रमिकों को बताया गया कि असंगठित क्षेत्र में कार्य करने वाले श्रमिकों को भी विधि द्वारा विभिन्न अधिकार एवं संरक्षण प्रदान किए गए हैं जैसे श्रमिकों को न्यूनतम मजदूरी, कार्यस्थल पर सुरक्षित एवं सम्मानजनक वातावरण, महिलाओं के लिए समान कार्य के लिए समान वेतन का अधिकार, समय से मजदूरी प्राप्त करने, काम का समय एवं विश्राम का समय निर्धारित करने का अधिकार, दुर्घटना की स्थिति में मुवावजा का अधिकार, मातृत्व संबंधी अधिकार, बाल श्रम से संरक्षण तथा सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ प्राप्त करने के संबंध में जानकारी दी गई।
पीएलवी संदीप कुमार द्वारा श्रमिकों को ई-श्रम पंजीकरण, प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना, दुर्घटना बीमा, पेंशन, लेबर कार्ड, स्वास्थ्य एवं अन्य सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के बारे में जानकारी देते हुए पात्र श्रमिकों को सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया गया।साथ ही यह भी बताया गया कि आर्थिक रूप से कमजोर एवं जरूरतमंद श्रमिकों को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा निःशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराई जाती है। श्रमिक अपने विधिक अधिकारों के प्रति जागरूक रहें तथा किसी भी प्रकार के शोषण, मजदूरी संबंधी विवाद अथवा अन्य कानूनी समस्या की स्थिति में निःशुल्क विधिक सहायता प्राप्त कर सकते हैं।
ग्राम प्रधान राममिलन पटेल ने कहा कि जो भी ग्राम पंचायत के पात्र श्रमिक है उनको शासन द्वारा संचालित सभी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए हमेशा तत्पर है और कहा कि किसी भी प्रकार की समस्या होने पर पंचायत भवन में उपस्थित सहायक से संपर्क कर अपनी समस्या का समाधान करा सकते है।
शिविर के अंत में उपस्थित श्रमिकों से अपील की गई कि वे स्वयं जागरूक होकर अपने परिवार एवं आसपास के अन्य श्रमिकों को भी उनके अधिकारों और सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूक करें।
शिविर में ग्राम प्रधान राममिलन पटेल, नरेंद्र कुमार, पंचायत सहायक रीतू साहू, राजकुमार प्रजापति, सुरेश कुमार, सुनील दिवाकर, महेश, रामखेलावन, लालजी, कमलेश, ओमप्रकाश गौतम, संतलाल,उर्मिला, एवं तमाम ग्रामीण श्रमिक उपस्थित रहे।








